कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब सरकारी कर्मचारियों पर भी लगातार गाज गिर रही है। ताजा मामले में स्वास्थ्य विभाग ने चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार एक महिला कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महिला कर्मचारी स्वास्थ्य खंड खनेरी (रामपुर) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थी।
HRTC बस में नशा तस्करी
जानकारी के अनुसार, 27 मार्च को ज्वालामुखी पुलिस की टीम ज्वालामुखी-नादौन मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान नादौन की तरफ से आ रही HRTC बस को जांच के लिए रोका गया।
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महिला समेत दो चरस संग गिरफ्तार
पुलिस ने जब बस में सवार यात्रियों की तलाशी ली तो कृष्ण सिंह ठाकुर (47) निवासी घुंड, ठियोग और वीना देवी (46) निवासी शमाथला, कुमारसैन के कब्जे से 447 ग्राम चरस बरामद हुई।
स्वास्थ्य कर्मी थी महिला
मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद जिला देहरा पुलिस ने संबंधित विभाग को लिखित रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए महिला कर्मचारी को सेवाओं से निलंबित कर दिया।
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सरकारी कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई
SP देहरा मयंक चौधरी ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि देहरा पुलिस अब तक एनडीपीएस एक्ट के अलग-अलग मामलों में शामिल पाए गए सात सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों को सस्पेंड करवा चुकी है।
इन विभागों के कर्मचारियों पर हो चुकी कार्रवाई:
- पशुपालन विभाग– एक पैरा वेटरिनरी फार्मासिस्ट
- स्वास्थ्य विभाग– दो कर्मचारी
- विद्युत विभाग– दो कर्मचारी
- HRTC– एक कर्मचारी
- मंदिर न्यास– संस्थान के माध्यम से नियुक्त एक कर्मचारी
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बढ़ती चिंता और सवाल
लगातार सरकारी कर्मचारियों के नशा तस्करी मामलों में सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर ऐसे मामलों ने चिंता बढ़ा दी है कि जिन विभागों पर समाज की सेवा और जिम्मेदारी होती है, वहीं से जुड़े कर्मचारी नशे के मामलों में पकड़े जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
