मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार अब सिर्फ युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कई युवा खुद इस अवैध धंधे का हिस्सा बनकर कमाई का जरिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मंडी में सामने आया ताजा मामला भी इसी बढ़ती चुनौती की ओर इशारा करता है।
मंडी रेंज की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नेरचौक के भगरोटू क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 19 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के पटियाला जिले के 27 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान किशन कुमार पुत्र राजू कुमार, निवासी अमामगढ़ मोहल्ला, समाना, जिला पटियाला, पंजाब के रूप में हुई है।
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गुप्त सूचना के बाद नेरचौक में बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार STF को भगरोटू और नेरचौक क्षेत्र में नशीले पदार्थों की संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों एवं लोगों की चेकिंग शुरू की। मंडी रेंज के एसपी शिव चौधरी के निर्देश पर चलाए गए अभियान में ASI भानु प्रताप की निगरानी में STF टीम ने नेरचौक क्षेत्र में नाकाबंदी और जांच अभियान चलाया। इसी दौरान टीम की नजर एक युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं।
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बिना नंबर की बाइक ने बढ़ाया शक
चेकिंग के दौरान पुलिस ने युवक को रोककर पूछताछ की। उसके पास मौजूद मोटरसाइकिल पर पंजीकरण नंबर भी नहीं था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद टीम ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की सीट/डिक्की से पुलिस को 19 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। नशीला पदार्थ मिलते ही STF ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और बाइक को भी कब्जे में ले लिया।
कहां से आया चिट्टा, किसे होना था सप्लाई?
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब STF की जांच का अगला फोकस उस नेटवर्क तक पहुंचना है, जहां से यह नशीला पदार्थ आरोपी तक पहुंचा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ के आधार पर संभावित सप्लायर और खरीदारों की जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही उसके मोबाइल संपर्कों और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा सकती है, ताकि इस मामले की पूरी सप्लाई चेन सामने लाई जा सके।
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नशे के कारोबारियों को नहीं मिलेगी राहत
एसपी शिव चौधरी ने कहा है कि मंडी रेंज में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ STF का अभियान लगातार जारी रहेगा। नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि हिमाचल में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए अब निगरानी और धरपकड़ दोनों तेज की जा रही हैं। हालांकि, नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल गिरफ्तारियां ही पर्याप्त नहीं होंगी। युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ-साथ उन नेटवर्क को तोड़ना भी जरूरी होगा, जो नशे को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में सक्रिय हैं।
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युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता चिट्टा
हिमाचल में चिट्टे का बढ़ता नेटवर्क पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नशे की चपेट में आने वाले युवाओं की उम्र लगातार कम होने की खबरें सामने आती रहती हैं। नशे की शुरुआत करने वाले कई युवा बाद में इसकी लत में फंस जाते हैं, जबकि कुछ लोग इसी अवैध कारोबार में पैसा कमाने के लालच में सप्लाई चेन का हिस्सा बन जाते हैं।
मंडी में हुई यह कार्रवाई इसी गंभीर समस्या की एक और तस्वीर सामने रखती है। 27 वर्षीय युवक के पास से एक साथ 19 ग्राम चिट्टा मिलना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि पुलिस को केवल नशा करने वालों पर ही नहीं, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर भी जोर देना होगा।
