हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में महज 3 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर एक मिस्त्री की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पुलिस ने मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा था। अब पुलिस ने फरार आरोपी को भी बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट

यह मामला हमीरपुर जिले की फस्टे पंचायत के ट्यालू गांव का है। हत्या के बाद से संतोष सहनी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार पुलिस ने उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया।

 

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अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाएगी।

एक आरोपी पहले से अरेस्ट

इस मामले में दूसरा आरोपी सुरजीत, निवासी फस्टे, पहले ही पुलिस की गिरफ्त में है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की पूरी वजह और घटना से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

 

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3 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मंगलवार रात तीनों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान उनके बीच 3 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।

 

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आरोप है कि इसी दौरान दोनों सहायक मजदूरों ने दिग्विजय पर फावड़े से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से चले गए। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है।

खून से लथपथ हालत में मिला मिस्त्री का शव

हत्या की वारदात बीते 15 अक्तूबर रात की बताई जा रही है, जबकि पुलिस को इसकी सूचना 16 अक्तूबर शाम को मिली। गांव के एक छोर पर सुनसान जगह पर बने कच्चे मकान के बरामदे में दिग्विजय का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उस समय तक किसी को वारदात की जानकारी नहीं थी। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

 

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रामलीला देखने जा रहे लोगों ने देखा शव

16 अक्तूबर शाम कुछ लोग रामलीला देखने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान घास से ढके रास्ते से गुजरते समय उनकी नजर एक कच्चे मकान पर पड़ी। मकान में लाइट जल रही थी, इसलिए लोगों ने आगे बढ़कर आवाज लगाने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी नजर बरामदे में पड़े खून से लथपथ शव पर पड़ी। यह देखकर लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।