कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में युवक की मौत के बाद मामला गरमा गया है। युवक की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने महिला डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद मामले में पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उन्हें न्याय के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
तीन दिन तक कार्रवाई न होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने तीन दिन तक आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि तीसरे दिन जाकर मामले में केस दर्ज किया गया। इसी बात को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
यह भी पढ़ें- रेन शेल्टर में नशे की डील करने आया था गोपाल, ढेर सारे चिट्टे संग पुलिस ने धरा
महिला डॉक्टर चला रही थी कार
मृतक के पीछे उसकी पत्नी, दो छोटी बेटियां और एक बेटा है। परिवार का कहना है कि युवक की मौत के बाद अब बच्चों और पत्नी का सहारा नही रहा। परिवार का आरोप है कि हादसा टांडा अस्पताल की महिला डॉक्टर की कार से हुआ था। उनके मुताबिक, कार में उस समय दो अन्य डॉक्टर भी मौजूद थे।
परिवार का आरोप, इलाज के नाम पर गुमराह किया
परिवार का कहना है कि हादसे के बाद वे घायल युवक को इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल ले जाना चाहते थे। लेकिन वहां मौजूद तीनों डॉक्टरों ने खुद को चिकित्सक बताते हुए कहा कि घायल को टांडा अस्पताल ले जाना जरूरी है, क्योंकि वहां उसकी सर्जरी होनी है। परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों की बात पर भरोसा करके वे युवक को टांडा ले गए और उन्हें गुमराह किया गया।
यह भी पढ़ें- हिमाचल की 2 जेलों में एक ही दिन मचा बवाल- कैदियों के गुट भिड़े; कई पुलिस कर्मचारी घायल
हादसे के दो दिन बाद हुई युवक की मौत
जानकारी के अनुसार, युवक का सड़क हादसा हुआ था। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए टांडा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। करीब दो दिन बाद युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया।
डॉक्टर की गाड़ी से हादसा होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस डॉक्टर की गाड़ी से हादसा हुआ, पुलिस ने उसका मेडिकल तक नहीं करवाया। इसी को लेकर ग्रामीणों ने शीला चौक के पास शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही- सैलाब में बहा पुल; मंदिर जा रहे 50 श्रद्धालु रास्ते में फंसे
मृतक के साले ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के साले महेश ने बताया कि 10 अगस्त को हादसा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी बहन का फोन आया था कि जीजू का एक्सीडेंट हो गया है। महेश ने आरोप लगाया कि हादसे में एक महिला डॉक्टर की गाड़ी शामिल थी, जो टांडा में नौकरी करती हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाए आरोपी चिकित्सक
परिवार मांग कर रहा हैं कि उन्हें जल्द न्याय मिले और हादसे के लिए जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि मृतक के छोटे-छोटे बच्चे हैं, ऐसे में आरोपी चिकित्सक बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ले। मृतक की पत्नी ने कहा कि अगर वह यहां बैठकर सिर्फ आंसू बहाती रहेगी, तो उसके पति और बच्चों को न्याय कौन दिलाएगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में बेकाबू बस का कहर- कई कारों को टक्कर मार बाइक सवार को कुचला, युवक की मौ**त
लिखित आश्वासन मिलने तक अंतिम संस्कार से इनकार
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मामले में उचित कार्रवाई और न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मृतक की मां ने भी प्रशासन से पूरी कार्रवाई लिखित में देने की मांग की है।
मौके पर पहुंचे पुलिस और SDM
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और SDM धर्मशाला मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। SDM धर्मशाला मोहित रत्न ने कहा कि मामले में पूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक किसी व्यक्ति की ओर से शिकायत नहीं दी गई थी।
यह भी पढ़ें- हिमाचल पुलिस बैंड प्रभारी पर FIR, लंदन जाने के लिए स्पॉन्सरशिप मांगने के आरोप- जांच जारी
क्या था मामला ?
बताया जा रहा है कि बीते सोमवार को बिजली बोर्ड कार्यालय के पास स्कूटी सवार युवक की एक कार से टक्कर हो गई थी। हादसे के बाद युवक को इलाज के लिए टांडा अस्पताल ले जाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक तीन बच्चों का पिता था। हादसे में कार एक डॉक्टर की होने का आरोप लगाया जा रहा है और इसी को लेकर ग्रामीण कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
