मंडी। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी संस्थानों के बजट को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की मंडप उपतहसील स्थित सरकारी अस्पताल में ECG मशीन खराब होने के बाद मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ECG मशीन खराब, छिड़ा विवाद

अब स्थिति ऐसी बन गई है कि नई मशीन की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की जा रही है। इससे क्षेत्र में चर्चा और विवाद दोनों शुरू हो गए हैं।

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मरीजों को हो रही परेशानी

मंडप अस्पताल क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। गर्मियों के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल पर दबाव भी बढ़ा है। इसी बीच ECG मशीन के खराब हो जाने से चिकित्सकों को हृदय संबंधी जांच कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों जरूरी है ECG मशीन?

ECG मशीन दिल की धड़कनों और उसकी कार्यप्रणाली की जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण मानी जाती है। इसके बिना कई मरीजों की प्रारंभिक जांच प्रभावित हो सकती है और उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है।

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लोगों से मांगा सहयोग

मशीन खराब होने के बाद क्षेत्र के एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की। संदेश में कहा गया कि अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रवासियों को आगे आना चाहिए

चंदा मांग रहे कांग्रेस कार्यकर्ता

नई ECG मशीन खरीदने में स्वैच्छिक योगदान देना चाहिए। अपील में इसे सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से मदद की मांग की गई, लेकिन इस पहल को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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युवाओं ने उठाए सरकार पर सवाल

चंदे से मशीन खरीदने की अपील के बाद कई स्थानीय युवाओं ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि अस्पतालों को बुनियादी मशीनों के लिए भी जनता से सहयोग मांगना पड़े तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

युवाओं का तर्क है कि जब लोग टैक्स देते हैं तो स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अलग से चंदा जुटाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।

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अस्पताल को नहीं मिला नियमित बजट

स्थानीय सूत्रों के अनुसार अस्पताल को मिलने वाला नियमित बजट पिछले कुछ समय से जारी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के दैनिक खर्च फिलहाल अन्य मदों से उपलब्ध राशि के सहारे पूरे किए जा रहे हैं।

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आवश्यक संसाधनों की कमी

स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि अस्पताल में कई आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है। उन्नत जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

विधायक के पास भी गए थे लोग

क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों का ध्यान भी आकर्षित किया था। हाल ही में क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे विधायक को अस्पताल में अतिरिक्त बैड, आधुनिक मशीनें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने संबंधी मांगपत्र सौंपा गया था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है।

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अधूरी पड़ी अस्पताल भवन परियोजना

मंडप अस्पताल को पूर्व में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत उच्च श्रेणी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद नए भवन निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। लेकिन निर्माण कार्य बीच में रुक जाने से नई इमारत आज भी अधूरी पड़ी है।

लोगोंं को हो रही परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर भवन निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती थीं। वर्तमान में अधूरा ढांचा लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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क्या होती है ECG जांच?

ECG यानी इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम एक ऐसी जांच है जिसके माध्यम से हृदय की विद्युत गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। इससे डॉक्टरों को दिल की धड़कन, हृदय की कार्यप्रणाली और संभावित हृदय रोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर फिर उठे सवाल

मंडप अस्पताल में ECG मशीन खराब होने और उसके लिए चंदा जुटाने की चर्चा ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बहस के केंद्र में ला दिया है। अब क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मशीन जल्द ठीक होगी और अस्पताल को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि मरीजों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर न जाना पड़े।

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