#अव्यवस्था
July 8, 2026
हिमाचल के साढ़े तीन लाख युवाओं की टूटी आस, सरकार लौटाएगी चार साल पहले की आवेदन फीस
आयोग भंग होने के बाद बदली पूरी भर्ती व्यवस्था
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हमीरपुर। पूर्व हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की वर्ष 2022 की विवादित भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द किए जाने के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। सरकार ने उन सभी उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क वापस करने की मंजूरी दे दी है, जिन्होंने रद्द की गई भर्तियों के लिए आवेदन किया था। इसके तहत करीब 3.41 लाख अभ्यर्थियों को कुल 4.27 करोड़ रुपये लौटाए जाएंगे।
दरअसल, उम्मीदवारों का कहना है कि फीस वापसी से आर्थिक राहत तो मिलेगी, लेकिन चार वर्षों तक भर्ती का इंतजार करने के बाद निराशा कहीं अधिक बड़ी है। वर्ष 2022 में तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग ने विभिन्न विभागों के 1,647 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे।
इनमें से 80 पोस्ट कोड के अंतर्गत आने वाले 1,423 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इन पदों के लिए 3,41,742 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। अब राज्य मंत्रिमंडल ने इन सभी विज्ञापनों को औपचारिक रूप से निरस्त करने के साथ आवेदन शुल्क लौटाने का निर्णय लिया है। इससे पुराने विज्ञापनों के आधार पर नियुक्ति की सभी संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
सरकार का कहना है कि पूर्व कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती प्रणाली और वर्तमान राज्य चयन आयोग की प्रक्रिया में बड़ा अंतर है। पहले लिखित परीक्षाएं ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित होती थीं, जबकि अब नई व्यवस्था के तहत अधिकांश परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT प्रणाली से कराई जा रही हैं। इसी बदलाव के कारण पुराने विज्ञापनों को उसी स्वरूप में लागू करना संभव नहीं माना गया।
पुरानी भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से 360 रुपये और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों से 120 रुपये आवेदन शुल्क लिया जाता था। महिला अभ्यर्थियों और पूर्व सैनिकों को शुल्क से छूट प्राप्त थी। वर्तमान चयन आयोग ने नई भर्ती प्रणाली के तहत शुल्क संरचना भी बदल दी है। अब सामान्य वर्ग के लिए 400 रुपये और आरक्षित वर्ग के लिए 325 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
आयोग भंग होने के बाद सरकार ने कुछ पदों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की और अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में दो वर्ष की विशेष छूट भी दी। कुछ भर्तियां हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से पूरी हो चुकी हैं, लेकिन बड़ी संख्या में पद अब भी रिक्त हैं। ऐसे में अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि जिन पदों के विज्ञापन रद्द किए गए हैं, उन पर जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
रद्द की गई भर्तियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बिजली, तकनीकी शिक्षा और अन्य विभागों के अनेक पद शामिल थे। इनमें जेबीटी शिक्षक, ओटी असिस्टेंट, पुलिस सब इंस्पेक्टर, फायरमैन, जूनियर इंजीनियर, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, जूनियर ऑडिटर, फार्मासिस्ट और तकनीकी शिक्षा विभाग के कई पद शामिल हैं। इन रिक्तियों के कारण कई विभाग लंबे समय से कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहे हैं।
प्रभावित उम्मीदवारों का कहना है कि आवेदन शुल्क लौटाना उचित कदम है, लेकिन इससे उनके चार वर्षों का समय वापस नहीं आ सकता। उनका आग्रह है कि सरकार जल्द से जल्द इन सभी पदों के लिए नई भर्ती अधिसूचना जारी करे, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर मिल सके और लंबे समय से लंबित रिक्तियां भी भर सकें।