हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिला के तहत आते नादौन क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां कांगू क्षेत्र के रहने वाले पूर्व सैनिक रिखी राम ने अपने एक जमीनी विवाद से तंग आकर फैसला लिया है कि वो अपना गैलेंटरी अवार्ड राष्ट्रपति को लौटा देंगे।

हो रही भूमि से बेदखल करने की साजिश

रिखी राम का कहना है कि सालों तक सेना में सेवा देने के बाद जब वे घर लौटें है तो तक कुछ लोग उनकी भूमि पर अवैध अधिकार जमा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे उन्हें उनकी भूमि से बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं।

20 वर्ष पहले सड़क में गई थी भूमि

जानकारी के मुताबिक रिखी राम ने बताया कि पनसाई रोड चौक से नादौन के एक संपर्क मार्ग पर 20 वर्ष पहले उनकी भूमि से सड़क निकली थी। जबकि उस समय उनके पिता ने ये भूमि दान में नहीं दी थी। यह भी पढ़ें: पेड़ के नीचे पड़ा मिला 48 साल का शख्स, कैसे गई जान- पता नहीं उनके पिता का देहांत होने के बाद सड़क की भूमि अब उनके नाम पर दर्ज है। ऐसे में उन्होंने सरकार मुआवजे की मांग भी नहीं की है। किन्तु अब रिखी राम सड़क से लगती भूमि पर निर्माण करना चाहते हैं।

लोग दे रहे दखल

रिखी राम का कहना है कि वो अपनी मिल्कियत वाली भूमि पर ही निर्माण करना चाहते हैं मगर कुछ स्थानीय लोग इस बात पर आपत्ति कर उनके निजी मामले में दखल दे रहे हैं।

राष्ट्रपति को सोंपेंगे गैलेंटरी अवार्ड

प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वो अपने पूर्वजों की भूमि पर पूरा अधिकार रखते हैं और अगर इस मामले में राजनीतिक दखल बंद न हुआ तो वो अपना सेना का गैलेंटरी अवार्ड राष्ट्रपति को सौंप देंगे।

क्या होते है गैलेंटरी अवार्ड

गैलेंटरी अवार्ड भारत सरकार द्वारा वीरता और शौर्य के प्रदर्शन के लिए दिए जाने वाले सैन्य पुरस्कार हैं। ये पुरस्कार भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना, टेरिटोरियल आर्मी और आम नागरिकों को भी दिए जा सकते है। इनमें कुछ प्रमुख पुरस्कार हैं: परमवीर चक्र: यह सर्वोच्च शौर्य सैन्य पुरस्कार है और यह दुश्मनों की उपस्थिति में उच्चकोटि की शूरवीरता और बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। महावीर चक्र: यह युद्ध के समय वीरता का पदक है और सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह भी पढ़ें: 6 वर्षीय कृष्ण को ट्रैक्टर ने उड़ाया, साइकिल ठीक कर रहा था बेचारा वीर चक्र: यह सैनिकों को असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। अशोक चक्र: यह शांति के समय का सबसे सर्वोच्च वीरता पदक है और सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। शौर्य चक्र: यह शांति के समय वीरता का पदक है और वरीयता में ‘कीर्ति चक्र’ के बाद आता है। अमूमन इन पुरस्कारों का ऐलान साल में दो बार गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया किया जाता है।

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