शिमला। हिमाचल प्रदेश में त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शिमला के बालूगंज बाजार में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

गुलाब जामुन की चाशनी में मिले कॉकरोच

इस दौरान एक मिठाई की दुकान में ऐसी गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसके बाद विभाग ने मौके पर ही बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान गुलाब जामुन की चाशनी में कॉकरोच मिलने पर करीब दो क्विंटल मिठाई को खाने योग्य नहीं माना गया और उसे नष्ट करवा दिया गया।

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खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. विजया और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा की अगुवाई में टीम ने बाजार में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और गुणवत्ता से जुड़े मानकों को परखा गया।

दुकानदार की गंभीर लापरवाही

जांच के दौरान एक मिठाई प्रतिष्ठान में रखे गए गुलाब जामुन की चाशनी में कॉकरोच पाए गए। इसे खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने संबंधित मिठाइयों को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया।

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दो क्विंटल मिठाई करवाई नष्ट

कार्रवाई के दौरान लगभग दो क्विंटल मिठाई को नष्ट करवाया गया। साथ ही दुकान संचालक को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। विभाग ने चेतावनी दी कि खाद्य सामग्री के भंडारण और बिक्री में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 सात खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने

निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने केवल कार्रवाई तक ही सीमित न रहते हुए विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए। कुल सात सैंपल लेकर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है।

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कौन-कौन सी मिठाई?

इनमें रंगीन रसगुल्ले, बर्फी, मिल्क केक, घी और अन्य मिठाइयों के नमूने शामिल हैं। अब इनकी गुणवत्ता और इनमें किसी प्रकार की मिलावट की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।

मिठाइयों में इस्तेमाल हो रहा खाद्य रंग

सहायक आयुक्त डॉ. विजया ने खाद्य कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मिठाई विक्रेताओं को खाद्य रंगों के इस्तेमाल को लेकर सतर्क किया।

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त्योहारी सीजन में मिठाइयां

विभाग ने साफ कहा है कि मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए केवल अनुमति प्राप्त खाद्य रंगों का ही उपयोग किया जाए और उनकी मात्रा भी तय मानकों के भीतर हो। किसी भी प्रतिबंधित या असुरक्षित रंग अथवा अन्य सामग्री का इस्तेमाल पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने के कारण विभाग ने निरीक्षण अभियान को लगातार जारी रखने की बात कही है।

 रक्षाबंधन से पहले सोलन में भी बढ़ी सैंपलिंग

उधर, रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए सोलन में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ा दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर की अलग-अलग दुकानों का निरीक्षण कर चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं।

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पनीर के भी नूमने लिए

जांच के दौरान दो स्थानों से खुले पनीर के नमूने लिए गए। इसके अलावा बेसन की बर्फी और दूध का भी एक-एक सैंपल लिया गया है। सभी नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए सीटीएल कंडाघाट भेजा गया है।

लैब रिपोर्ट आने का इंतजार

सोलन में लिए गए खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। नगर निगम के खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अतुल कायस्थ ने बताया कि यदि जांच में किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती या उसमें मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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त्योहारी सीजन में बढ़ी मिठाइयों की मांग

त्योहारी सीजन में मिठाई, दूध, पनीर और अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ने के साथ ही विभाग ने साफ कर दिया है कि गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों पर नजर रखी जाएगी। आने वाले दिनों में भी शिमला और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान जारी रहने की संभावना है।

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