कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। कांगड़ा जिले के जवाली की ढसोली पंचायत की बेटी आकृति शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET)-जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) में भौतिक विज्ञान विषय में आकृति शर्मा ने अखिल भारतीय स्तर पर 94वां स्थान हासिल किया है।
मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
आकृति की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि जवाली और कांगड़ा को भी गौरवान्वित किया है। कठिन प्रतिस्पर्धा वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे तो सफलता हासिल करना संभव है।
यह भी पढ़ें : नशे ने फिर छीना हिमाचल से एक जवान बेटा! 23 साल के ऋतिक की किराये के कमरे में मिली देह
पहले भी कई परीक्षाओं में दिखा चुकी हैं प्रतिभा
आकृति शर्मा की यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह दो बार इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (GATE) में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने NET-PhD परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लगातार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन उनकी मेहनत और विषय पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
स्कूल से उच्च शिक्षा तक शानदार सफर
आकृति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कॉमेट मेन्सा पब्लिक स्कूल देहरी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजा का तालाब से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला, कन्या महाविद्यालय जालंधर और कांता कॉलेज ऑफ एजुकेशन चलवाड़ा से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: पुल से नदी में कूद गई 38 साल की महिला, युवकों ने बाहर निकाला... पर नहीं बचा सके जा*न
आज विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं भौतिक विज्ञान
आकृति शर्मा वर्तमान में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जवाली में भौतिक विज्ञान प्रवक्ता के पद पर सेवाएं दे रही हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी और सफलता हासिल की।
माता-पिता के विश्वास को दिया सफलता का श्रेय
आकृति शर्मा अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और माता-पिता के विश्वास को देती हैं। उनके अनुसार, लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करना जरूरी है। उनका मानना है कि जब इंसान पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो सफलता के रास्ते धीरे-धीरे खुलते जाते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में आयकर अधिकारी ने मांगी पांच लाख रुपए रिश्वत, CBI ने कसा शिकंजा; आरोपी फरार
परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर
आकृति के पिता राजेश शर्मा ढसोली पंचायत के प्रधान हैं, जबकि उनकी माता मंजू शर्मा हैं। बेटी की राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, आकृति को बधाई देने वालों का भी तांता लगा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने उनकी सफलता को जवाली के लिए गौरव का क्षण बताया है।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आकृति शर्मा की सफलता खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षक के रूप में जिम्मेदारियां निभाने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा में रैंक हासिल करना यह संदेश देता है कि समय का सही प्रबंधन, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की मजबूत नींव बन सकते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में नशे का डबल अ.टैक: लाखों का चिट्टा और घातक मेथम्फेटामाइन ड्रग्स बरामद; 3 गिरफ्तार
हिमाचल की बेटी की सफलता पर हर कोई गौरवान्वित
आकृति शर्मा ने एक बार फिर साबित किया है कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। NET-JRF में ऑल इंडिया 94वां स्थान हासिल कर आकृति ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि हिमाचल की बेटियों की प्रतिभा और हौसले को भी नई पहचान दी है।
