ऊना। हिमाचल प्रदेश में जहां एक ओर कई क्षेत्रों में मौसम कहर बनकर बरस रहा है। वहीं हिमाचल के ऊना जिला में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हो गई। दरअसल ऊना जिला के लालसिघंी में भीषण अग्निकांड हुआ, जिसमें 25 परिवारों की जिंदगी को पलभर में बदल कर रख दिया। प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते दर्जनों आशियानों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में लोगों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी आग की लपटों में समा गई और परिवार बेघर होकर सड़क पर आ गए।

आंखों के सामने जलते रहे आशियाने

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। झुग्गियों में रह रहे परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए, जबकि उनके घरों में रखा सामान आग की भेंट चढ़ता रहा। कई महिलाओं की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे, क्योंकि उनके सामने ही उनके आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए।

 

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बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आने से करीब 25 झुग्गियां पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। इनमें रखा घरेलू सामान, कपड़े, राशन, बिस्तर, जरूरी दस्तावेज और रोजमर्रा के उपयोग का सामान भी जलकर खाक हो गया।

पलभर में उजड़ गई वर्षों की कमाई

इन परिवारों के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले लोगों ने धीरे-धीरे मेहनत कर जो कुछ भी जोड़ा था, वह कुछ ही देर में राख बन गया। अब हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों के पास पहनने के लिए शरीर पर मौजूद कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर अपने उजड़े हुए आशियानों को निहारते रहे। कई लोगों ने बताया कि उनके पास अब न रहने की जगह है और न ही खाने-पीने का कोई साधन बचा है।

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मौके पर मची अफरा-तफरी

आग लगते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। आसपास के लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करते हुए झुग्गियों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक धुएं के गुबार और आग की ऊंची लपटें दिखाई देती रहीं, जिससे आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।

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दमकल विभाग ने बड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत और लगातार प्रयासों के बाद आग को नियंत्रित किया गया। दमकल कर्मियों की तत्परता के चलते आग को आसपास की अन्य झुग्गियों और रिहायशी क्षेत्रों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है ताकि उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध करवाई जा सके। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन 25 परिवारों के सिर से छत छिन जाने के कारण मानवीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की राहत और पुनर्वास व्यवस्था पर टिकी हुई हैं।

 

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मानवीय त्रासदी का दर्दनाक दृश्य

एक तरफ प्रदेश में लगातार हो रही बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ ऊना के लाल सिंघी क्षेत्र में लगी इस आग ने दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया है। जिन झुग्गियों में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल राख, धुआं और उजड़े सपनों की कहानी दिखाई दे रही है। यह हादसा उन परिवारों के लिए जीवनभर न भूल पाने वाली त्रासदी बन गया है, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने अपना सब कुछ जलते हुए देखा।

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