चंबा। हिमाचल प्रदेश में बीते 3 दिन से बारिश लगभग थम चुकी है। लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन से हुई तबाही ने कई लोगों के घर उजाड़ दिए हैं। ताजा मामला प्रदेश के जिला चंबा से सामने आया है। जहां भूस्खलन से एक घर पर भारी भरकम मलबा आ गिरा। जिस से मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और खतरे को भांपते हुए घर को खाली करवाया गया है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
मलबे की चपेट में आने से मकान की छत पूरी तरह टूट गई है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। मकान अब किसी भी समय गिर सकता है। खतरे को देखते हुए वार्ड पार्षद उर्मिला जसरोटिया ने तुरंत मकान खाली करवाया।
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गनीमत यह रही कि जब दीवार गिरी, उस समय घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, वरना जानी नुकसान भी हो सकता था। बताया जा रहा है कि यह मकान इंद्र सिंह का है, जो अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ यहां रहते थे। परिवार बेहद आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
रिश्तेदारों के घर ली शरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंद्र सिंह सुल्तानपुर में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। परिवार में कोई अन्य कमाने वाला नहीं है। अब अचानक घर ढह जाने से परिवार बेघर हो गया है और मजबूरन रिश्तेदारों के घर शरण लेनी पड़ रही है।
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सरकारी कार्य में हो सकता है विलंब
वार्ड पार्षद ने बताया कि राजस्व विभाग के पटवारी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया है और हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। लेकिन सरकारी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है। ऐसे में परिवार को तुरंत राहत नहीं मिल पा रही है।
सहायता करने की अपील
इस स्थिति को देखते हुए वार्ड पार्षद ने समर्थ लोगों से अपील की है कि इस जरूरतमंद परिवार की तुरंत मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग और समाजसेवी हाथ बढ़ाएं तो पीड़ित परिवार को कम से कम अस्थायी राहत मिल सकती है।
