मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पेट की आग बुझाने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की चाह में घर से निकले शख्स की दर्दनाक मौत हो गई। सुबह जब शख्स काम पर निकला था, तो परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि अब वह जिंदा वापस नहीं लौटेगा। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला और बेहद मार्मिक हादसा सामने आया है।

उजड़ गया हंसता खेलता परिवार

दरअसल यहां निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल से गिरने के चलते एक युवक की मौत हो गई। युवक यहां पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था, लेकिन अब युवक की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल पर काम करते समय पैर फिसलने से गरीब मजदूर अनियंत्रित होकर सीधे कंक्रीट की जमीन पर आ गिरा। इस हादसे में युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नरपत राम निवासी जरल सुंदरनगर के रूप में हुई है। 

 

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शटरिंग लगाते दूसरी मंजिल से गिरा शख्स

जानकारी के अनुसार नौलखा क्षेत्र में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। नरपत राम अपने साथियों के साथ दूसरी मंजिल पर शटरिंग लगाने के काम में जुटा हुआ था। काम के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से सीधे नीचे कंक्रीट के फर्श पर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ काम कर रहे मजदूर कुछ समझ ही नहीं पाए। देखते ही देखते निर्माण स्थल पर अफरा.तफरी मच गई और सभी लोग घायल नरपत राम को बचाने के लिए दौड़ पड़े।

जिंदगी की जंग हार गया शख्स

गंभीर रूप से घायल नरपत राम को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किएए लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। नरपत राम की मौत के साथ ही एक परिवार के कई सपने भी दम तोड़ गए। जिस व्यक्ति के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी, उसके अचानक चले जाने से परिवार गहरे सदमे में है।

 

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गांव में पसरा मातम, हर आंख हुई नम

जैसे ही नरपत राम की मौत की खबर उसके गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी, रिश्तेदार और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे। घर में मातम का ऐसा माहौल था कि हर आंख नम दिखाई दी। परिजनों का कहना है कि नरपत राम बेहद मेहनती और सरल स्वभाव का व्यक्ति था, जिसने जीवनभर अपने परिवार की खुशियों के लिए संघर्ष किया। लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने उसके परिवार को ऐसी पीड़ा दे दी, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

 

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों के साथ.साथ निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की जा रही है।

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