#हादसा
July 16, 2026
हिमाचल : गहरी खाई में समाई कार- दो बच्चे, पति-पत्नि थे सवार; चीखों से दहला इलाका
गाड़ी के उड़े परखच्चे, लोगों में अफरा-तफरी का माहौल
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कार हादसे का शिकार हो गई है। बग्गी-चैलचौक सड़क मार्ग पर पीपलू के पास एक कार अनियंत्रित होकर करीब 400 फुट गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे के समय कार में एक ही परिवार के चार सदस्य सवार थे। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि गाड़ी में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे सवार थे। हादसे के वक्त पूरा इलाका कार सवार लोगों की चीखों से दहल उठा।
दुर्घटना में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे घायल हो गए। हालांकि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और त्वरित बचाव अभियान के चलते चारों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, कार नंबर HP82A-8036 में सवार नरेंद्र अपनी पत्नी वीना और दोनों बच्चों देवांश तथा वेदांत के साथ ग्राम ब्रिखमणि से रतेहड़ी (चैलचौक) स्थित अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे थे। सुबह करीब 11:50 बजे जब उनकी कार पीपलू के समीप पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को रास्ता देने के दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।

देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 400 फुट गहरी खाई में जा गिरी। कार के खाई में गिरने की तेज आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
बिना किसी देरी के स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्गम और जोखिम भरे क्षेत्र में उतरकर ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे सभी घायलों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता और साहस के कारण चारों लोगों की जान बचाई जा सकी।
घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में सभी का उपचार जारी है। फिलहाल सभी की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के दौरान कार चालक का संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। वहीं, स्थानीय लोगों की मानवता और तत्परता भी इस हादसे में मिसाल बनकर सामने आई। यदि ग्रामीण तुरंत मौके पर नहीं पहुंचते, तो हादसे के परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।