कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भारी बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक परिवार पर अचानक आफत टूट पड़ी। आनी उपमंडल के रानीकोट क्षेत्र में सुबह के समय तेज धमाके के साथ गिरी बिजली ने मकान और गौशाला को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में गौशाला में बंधी एक दुधारू जर्सी गाय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मकान की विद्युत वायरिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कमरे में रखा टेलीविजन भी जोरदार धमाके के साथ फट गया।

सुबह करीब 8:45 बजे हुआ हादसा

घटना ग्राम पंचायत कराणा-1 के तहत आने वाले रानीकोट (ढेक शाई) गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में उस समय भारी बारिश हो रही थी। इसी दौरान स्थानीय निवासी जय चंद के मकान और पास स्थित गौशाला के आसपास अचानक आकाशीय बिजली गिरी। प्रत्यक्ष प्रभाव इतना तेज था कि कुछ ही क्षणों में घर और गौशाला में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

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बिजली गिरते ही गाय ने तोड़ा दम

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गौशाला में बंधी जर्सी नस्ल की दुधारू गाय की मौत हो गई। परिवार के लिए यह आर्थिक नुकसान भी है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन कई परिवारों की आय और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार की स्थिति का जायजा लिया।

घर की वायरिंग जली, TV धमाके के साथ फटा

आकाशीय बिजली का असर केवल गौशाला तक सीमित नहीं रहा। बिजली गिरने से मकान की विद्युत वायरिंग को भारी नुकसान पहुंचा। घर के कमरे में रखा टीवी भी अचानक जोरदार आवाज के साथ फट गया। घटना के समय हुए तेज धमाके ने परिवार को बुरी तरह डरा दिया। बिजली के झटके और धमाके के कारण घर के विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

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धमाके के बाद मकान मालिक को सुनने में दिक्कत

घटना में मकान मालिक जय चंद भी प्रभावित हुए हैं। बताया गया कि आकाशीय बिजली गिरने और टीवी फटने से हुए तेज धमाके के बाद उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा। परिजनों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

प्रशासन ने मांगी नुकसान की रिपोर्ट

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है। कुल्लू के कार्यकारी उपायुक्त एवं अतिरिक्त जिलाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने संबंधित राजस्व अधिकारियों से प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित परिवार को नियमों के तहत उपलब्ध राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

कुल्लू और प्रदेश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली का खतरा बना रहता है। ऐसी परिस्थितियों में खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के उपकरणों के पास खड़े रहने से बचने की सलाह दी जाती है।

रानीकोट की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक करवट लेने पर प्राकृतिक आपदा कितनी तेजी से नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित परिवार को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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