नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां घर लौट रहे एक युवक की रेलवे ट्रैक पार करते समय दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक का अचानक पैर फिसल गया और वह रेलवे पटरी पर गिर पड़ा। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाता, वहां से गुजर रही ट्रेन उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए छीन ले गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार का इकलौता बेटा छीन लिया] बल्कि एक मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों का सहारा भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

घर पहुंचने से पहले ही टूट गया जिंदगी का सफर

मृतक की पहचान 40 वर्षीय अंकुश भंडारी निवासी बासा बजीरां नूरपुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10 बजे अंकुश अपने घर लौट रहा था। परिवार उसके घर पहुंचने का इंतजार कर रहा था] लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि रास्ते में एक दर्दनाक हादसा उसकी जिंदगी की आखिरी मंजिल बन जाएगा।

 

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए खोला खजाना, लंबित भुगतान को जारी किए करोड़ों रुपए

पटरी पार करने की कोशिश बनी मौत की वजह

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार अंकुश नूरपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित आपातकालीन रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचा था। इसी दौरान सामने से जोगिंद्रनगर से पठानकोट की ओर जा रही कांगड़ा घाटी ट्रेन आ रही थी। ट्रेन को अपनी ओर आता देखकर वह घबरा गया। इसी घबराहट में रेलवे ट्रैक पार करने के प्रयास के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे पटरी पर गिर पड़ा। इससे पहले कि वह उठ पाताए ट्रेन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पति के बाद जवान बेटे की मौ*त से टूटी मां, छुट्टी लेकर घर लौट रहे संजू की रास्ते में थमी सांसें

लोको पायलट ने तुरंत रोकी ट्रेन

हादसे के बाद ट्रेन के लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस और जीआरपी को सूचित किया गया। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बाद में परिजन एंबुलेंस की सहायता से शव को सिविल अस्पताल नूरपुर ले गए, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया।

परिवार का इकलौता बेटा, दो बच्चों का था पिता

अंकुश भंडारी अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। वह अपनी बुजुर्ग मां, पत्नी और दो छोटे बच्चों का एकमात्र सहारा थे। उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पत्नी और बच्चों के सिर से भी सुरक्षा और सहारे का साया उठ गया है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल से चरस लेने आए थे चार राजस्थानी दोस्त, पुलिस के हत्थे चढ़े- पहुंचे जेल

क्षेत्र में शोक की लहर

दुर्घटना की सूचना फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। हर कोई यही कह रहा है कि कुछ ही पलों की यह दुर्घटना एक पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ गई। कांगड़ा घाटी रेलवे ट्रैक पर हुआ यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि रेलवे लाइन पार करते समय थोड़ी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें