शिमला। अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। हिमाचल प्रदेश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से लोगों के बजट पर काफी असर पड़ेगा।
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा
दरअसल, देश की निजी फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। जिससे हिमाचल प्रदेश में भी उपभोक्ताओं को महंगा ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
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आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर
बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर निजी कंपनियों के ईंधन दामों पर तुरंत देखने को मिला है।
जानें कितना हुआ महंगा
हिमाचल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी गई हैं। अब डीजल की कीमत 84.59 रुपये से बढ़कर 89.59 रुपये प्रति लीटर हो गई है, यानी सीधे 5 रुपये की बढ़ोतरी। वहीं पेट्रोल भी 94.81 रुपये से बढ़कर 99.81 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
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सरकारी पंपों पर सस्ता
हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपने दाम स्थिर रखे हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पेट्रोल पंपों पर अभी भी पेट्रोल 94.58 रुपये और डीजल 86.63 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है। इससे निजी और सरकारी पंपों के बीच कीमतों का अंतर साफ नजर आने लगा है, जिसके चलते कई जगह उपभोक्ता सरकारी पंपों की ओर रुख कर रहे हैं।
सेस लगाने की चर्चा तेज
इसी बीच हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर सेस लगाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक विधेयक विधानसभा में पास कर दिया है। प्रस्तावित कानून के तहत 1 पैसे से लेकर 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि अभी यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाना बाकी है।
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भ्रम फैला रहा विपक्ष
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल सेस लागू नहीं हुआ है और यह प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहा है।
फिलहाल लोगों की नजरें सरकार के अगले फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति पर टिकी हुई हैं, क्योंकि दोनों ही कारक आने वाले समय में ईंधन की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
