शिमला। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा होगी। गौरतलब है कि हिंदू समाज में नवरात्रि की बहुत महत्व है। नवरात्रि के पूरे 9 दिन भगवती खुद धरती पर आती हैं और भक्तों को आर्शीवाद देती हैं।
सौम्य और ममतामयी हैं मां
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन आज मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। मां का रूप अत्यंत शांत माना गया है। वे सौम्य और ममतामयी हैं। मां अपने भक्तों को सुख-स्मृद्धि और शांति प्रदान करती है।
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बढ़ती है सामाजिक प्रतिष्ठा
आज के दिन मां की पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। मां भक्तों के जीवन में खुशहाली लाती हैं व सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। पूजा करने से भक्तों को ये फल मिलता है कि उन्हें ज्यादा सम्मान मिलने लगता है।
घंटे के आकार का चंद्रमा
मां के स्वरूप की बात करें तो मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा है। इसी वजह से उनका नाम चंद्रघंटा है। ये चंद्रमा उनकी महिमा और तेजस्विता को दर्शाता है।
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मां को बहुत पसंद है खीर
मां की पूजा में खीर का भोग सबसे अच्छा माना जाता है। मां को केसर की खीर बहुत पसंद है। इसके लावा आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयां भी मां के भोग में रख सकते हैं। मां के भोग में मिश्री जरूर रखें।
कैसे करें मां चंद्रघंटा पूजा ?
- ब्रह्म मुहूर्त में उठे और नहाकर साफ कपड़े पहनें
- फिर मां को लाल और पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें
- इसके बाद मां को कुमकुम और अक्षत अर्पित करें
- पूजा में पीले रंग के फूलों और वस्त्रों का प्रयोग करें
- पीले रंग की मिठाई व दूध से बनी खीर का भोग चढ़ाएं
- पूजा के दौरान मां के मंत्रों का जाप करें
- अंत में मां चंद्रघंटा की आरती का पाठ भी करें
- ये सब विधिपूर्वक करने से मां चंद्रघंटा प्रसन्न होती हैं
