ऊना। हिमाचल प्रदेश में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठों में हर साल देश-प्रदेश के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मां के दरबार में माथा टेकने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार चढ़ावा भी अर्पित करते हैं। खास तौर पर मेलों और पर्वों के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इस बार ऊना जिले के प्रसिद्ध मां चिंतपूर्णी मंदिर में आयोजित सावन मेलों के दौरान भी श्रद्धा और आस्था का ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

सिर्फ 9 दिन में 1.53 करोड़ रुपये का चढ़ावा

13 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक चले वार्षिक सावन मेलों के दौरान श्रद्धालुओं ने मां चिंतपूर्णी के चरणों में दिल खोलकर दान किया। मंदिर न्यास के दानपात्रों की गिनती के बाद कुल 1 करोड़ 53 लाख 10 हजार 114 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। महज नौ दिनों में इतनी बड़ी रकम का चढ़ावा आना मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है।

 

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20 अगस्त को सबसे ज्यादा चढ़ावा

सावन मेलों के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं ने बड़ी मात्रा में नकद चढ़ावा अर्पित किया। इनमें 20 अगस्त का दिन सबसे अधिक चढ़ावे वाला रहा। इस दिन दानपात्रों से कुल 23 लाख 55 हजार 973 रुपये प्राप्त हुए। वहीं, 19 अगस्त को 20 लाख 6 हजार 674 रुपये और 18 अगस्त को 18 लाख 399 रुपये की नकद राशि दानपात्रों से निकली।

मां के दरबार में पहुंची 12 देशों की विदेशी मुद्रा

मां चिंतपूर्णी के दरबार में सिर्फ देश के अलग-अलग राज्यों से आए भक्तों ने ही दान नहीं किया, बल्कि विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी अपनी श्रद्धा अर्पित की। इसका प्रमाण मंदिर के दानपात्रों से मिली 12 देशों की विदेशी मुद्रा से मिलता है।

दानपात्रों में 372 अमेरिकी डॉलर, 85 यूरो, 625 कनाडाई डॉलर, 30 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, 55 ब्रिटिश पाउंड, आधा कुवैती दिनार, 600 ओमानी बिसा, 21 मलेशियाई रिंगिट, 100 दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा, 1 कतर रियाल, 75 यूएई मुद्रा और 25 न्यूजीलैंड डॉलर मिले हैं।

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विदेशों तक पहुंची मां चिंतपूर्णी की आस्था

दानपात्रों में अलग-अलग देशों की मुद्रा मिलना इस बात का संकेत है कि मां चिंतपूर्णी के प्रति देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। सावन मेले के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए चिंतपूर्णी पहुंचे।

तीन साल में 36 मंदिरों में 4.19 अरब से अधिक चढ़ावा

हिमाचल प्रदेश में मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा केवल चिंतपूर्णी मंदिर के चढ़ावे से नहीं लगाया जा सकता। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन संचालित 36 मंदिरों में श्रद्धालुओं ने कुल 4 अरब 19 करोड़ 88 लाख 37 हजार 451 रुपये का चढ़ावा अर्पित किया है।

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मेले के दौरान प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

सावन मेलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर इंतजाम किए गए, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भक्त बिना परेशानी माता के दर्शन कर सकें।

चिंतपूर्णी मंदिर में तीन साल में 85.72 करोड़ से ज्यादा चढ़ावा

इन आंकड़ों में ऊना जिले के मां चिंतपूर्णी मंदिर का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, तीन वर्ष की अवधि में चिंतपूर्णी मंदिर में 85.72 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ। यह राशि केवल नकद चढ़ावे से संबंधित है। इसमें मंदिरों में अर्पित किए जाने वाले सोने-चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को शामिल नहीं किया गया है।

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आस्था के साथ मंदिरों की आय में भी दिखती है श्रद्धा

हिमाचल के शक्तिपीठों और प्रसिद्ध मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि इन मंदिरों में आने वाला चढ़ावा भी भक्तों की श्रद्धा की तस्वीर पेश करता है। मां चिंतपूर्णी के सावन मेलों में महज नौ दिनों में 1.53 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा और 12 देशों की विदेशी मुद्रा मिलना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि माता के दरबार में देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था कितनी मजबूत है।

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