शिमला: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर लगाए नए सेस को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने और कीमतों को लेकर सुक्खू सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार करते हुए कंगना को नसीहत दे दी। उन्होंने कहा कि मीडिया में बयान देने से पहले सांसद को इस पूरे मामले के बारे में ज्ञान प्राप्त कर लेना चाहिए।
विक्रमादित्य सिंह के इस बयान के बाद पेट्रोल-डीजल का मुद्दा महज महंगाई या सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिमाचल की सियासत में कांग्रेस बनाम भाजपा की नई जुबानी जंग का कारण बन गया है। मंत्री ने कंगना से केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी का हिसाब भी मांगते हुए सवाल खड़ा किया कि केंद्र ने कितनी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं?
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पहले ज्ञान प्राप्त करें, फिर बयान दें
शिमला में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने पहुंचे विक्रमादित्य सिंह ने कंगना रनौत के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कंगना को पेट्रोल और डीजल की कीमतों के पूरे मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्हें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे विषय को समझना चाहिए। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल हिमाचल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में इसका असर देखने को मिलता है। उन्होंने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसद को मीडिया में बयानबाजी करने से पहले तथ्यों की जानकारी हासिल करनी चाहिए।
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कंगना से विक्रमादित्य का सीधा सवाल
विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा सांसद को घेरते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि कंगना प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर सवाल उठा रही हैं तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कितनी बार बढ़ोतरी की है।
E-20 पर भी कंगना को घेरा
विक्रमादित्य सिंह ने पेट्रोल-डीजल के मुद्दे के साथ E-20 ईंधन को लेकर भी भाजपा सांसद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कंगना वाहनों और ईंधन से जुड़े मुद्दे उठा रही हैं तो उन्हें E-20 से वाहनों के माइलेज और उससे जुड़े दूसरे सवालों पर भी आवाज उठानी चाहिए।
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मोहतरमा दिल्ली जाएं और हिमाचल का हक दिलाएं’
विक्रमादित्य सिंह ने कंगना पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि वह हिमाचल की जनता की आवाज उठाना चाहती हैं तो उन्हें केंद्र सरकार के सामने प्रदेश के आर्थिक मुद्दे भी उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से हिमाचल के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदेश को अभी तक नहीं मिली है।
60 पैसे के सेस पर सरकार का तर्क
विक्रमादित्य सिंह ने सरकार की ओर से लगाए गए सेस का बचाव करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार ने अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं की मदद के लिए 60 पैसे का सेस लगाया है। उन्होंने इसे सामाजिक कल्याण से जुड़ी जरूरतों के लिए उठाया गया कदम बताया।
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बंद सड़कों पर क्या बोले मंत्री विक्रमादित्य
राजनीतिक बयानबाजी के बीच विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में भारी बारिश के कारण प्रभावित सड़कों को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी को ग्राउंड जीरो पर तैनात किया गया है और हालात की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिटुमेन के दाम बढ़ने के कारण टायरिंग का निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। मानसून समाप्त होने के बाद दोबारा टायरिंग का काम शुरू किया जाएगा और निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार किसान और बागवानों को परेशान नहीं होने देगी।
30 इलेक्ट्रिक बसों से शिमला ग्रामीण को सौगात
विक्रमादित्य सिंह ने शिमला ग्रामीण क्षेत्र के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई। इन बसों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया गया है।
