शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को जमकर हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी हिम-केयर योजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि असंतोष जाहिर करते हुए विपक्षी दल BJP ने नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।
दादी ने इलाज के लिए गिरवी रखा मंगलसूत्र
बहस की शुरुआत नाचन से बीजेपी विधायक विनोद कुमार के सवाल से हुई। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर क्यों हिम-केयर योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सही समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक बुजुर्ग महिला को कार्डियोलॉजी का इलाज करवाने के लिए अपनी शादी का मंगलसूत्र तक सुनार के पास गिरवी रखना पड़ा।
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करोड़ों की पेमेंट लंबित
इसी मुद्दे पर बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हिम-केयर योजना के तहत एम्स में करीब 49 करोड़ और IGMC शिमला में लगभग 69 करोड़ रुपए की पेमेंट लंबित है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि पूरे प्रदेश में अभी कितनी राशि पेंडिंग है और क्यों गरीब मरीज समय पर राहत नहीं पा रहे।
विपक्ष बोला- सरकार छुपा रही सच्चाई
सत्र से बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिम-केयर योजना का बकाया अब 364 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसके बावजूद सरकार यह दावा कर रही है कि योजना सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया है।
