शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हिमकेयर योजना को लेकर एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रोस्टेट कैंसर के इलाज को “पुरुषों की बच्चेदानी का ऑपरेशन” बताना न केवल भ्रामक है, बल्कि गंभीर विषय का गलत प्रस्तुतीकरण भी है।
कीमोथेरेपी के विशेष संयोजन का किया गया था उपयोग
दरअसल, विधानसभा सदन में कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके सलाहकार अधूरी या गलत जानकारी दे रहे हैं, जिसके चलते इस तरह के बयान सामने आ रहे हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का जिक्र किया गया, वे वास्तव में दुर्लभ प्रकार के कैंसर से जुड़े थे, जहां सर्जरी नहीं बल्कि कीमोथेरेपी के विशेष संयोजन का उपयोग किया गया था। इन मरीजों का इलाज हिमकेयर योजना के अंतर्गत उपलब्ध पैकेज के तहत किया गया, जिसमें “सीटी फॉर सीए ओवरी” प्रोटोकॉल के अनुसार दवाएं दी गईं।
चार मरीजों का दिया हवाला
उन्होंने बताया कि जिन चार मरीजों का हवाला दिया गया, उनमें एक 71 वर्षीय बुजुर्ग, एक 12 साल का बच्चा और दो अन्य पुरुष शामिल थे।
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इन सभी को कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं जैसे लिपो डॉक्स और कार्बोप्लैटिन दी गईं, जिनकी कई डोज़ मरीजों को दी जाती हैं। जयराम ने कहा कि इस प्रक्रिया को “बच्चेदानी का ऑपरेशन” बताना पूरी तरह से गलत और भ्रम फैलाने वाला है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का पलटवार
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं और बेवजह मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के नेता का जोश उन्हें उनके विद्यार्थी जीवन की याद दिलाता है।
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कुल मिलाकर सदन में हिमकेयर योजना और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह बहस न केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रही, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और नीतियों पर भी सवाल खड़े कर गई।
