#राजनीति
March 26, 2026
CM सुक्खू की दो टूक : नेता प्रतिपक्ष जितनी साजिशें करें, हमारी सरकार नहीं जाने वाली
CM सुक्खू और जयराम ठाकुर में तीखी नोकझोंक
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी तल्खी खुलकर सामने आ गई। CM सुखविंदर सिंह सुकखू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल गर्म कर दिया।
विवाद की जड़ बना नेता प्रतिपक्ष का हालिया दिल्ली दौरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात। दरअसल, जयराम ठाकुर के दिल्ली दौरे के दौरान उनकी अनुपस्थिति में सत्ता पक्ष की ओर से कुछ टिप्पणियां की गई थीं। जैसे ही वह वापस लौटकर सदन में पहुंचे, उन्होंने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत इस मुद्दे को उठाया और आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखा वार-पलटवार शुरू हो गया।
CM सुक्खू ने विपक्ष के नेता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जयराम ठाकुर “खुशफहमी” में जी रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को लगता है कि सरकार गिर जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। सुक्खू ने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह जहां भी रहे, लंबे समय तक टिके हैं और उन्हें जनता व भगवान दोनों का आशीर्वाद प्राप्त है।
उन्होंने मुस्कुराते हुए यह भी जोड़ा कि अगर सरकार को जाना होता, तो वह पहले ही संकट के समय चली जाती। जब विपक्ष ने दावा किया था कि “इस सरकार को तो भगवान भी नहीं बचा सकते।” सुक्खू के अनुसार, जब तब सरकार नहीं गिरी, तो अब गिरने का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता पर आरोप लगाया कि वह बिना तथ्यों के बयान देते हैं और कई बार तनाव में अपनी ही बात भूल जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में मीडिया के सामने दिए गए कुछ बयान विधवाओं और अनाथ बच्चों का अपमान करने जैसे हैं।
साथ ही, पेट्रोल और डीजल पर प्रस्तावित सेस को लेकर भी सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी केवल अधिकार लिया है, अंतिम निर्णय विचार-विमर्श के बाद ही होगा और अधिकतम सीमा 5 रुपये तक तय की गई है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपनी सफाई में कहा कि उनका दिल्ली दौरा पूरी तरह से हिमाचल प्रदेश के हितों को लेकर था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि राज्य के विकास और सहायता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।
उन्होंने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि बार-बार यह कहना कि वह मदद रोकने के लिए दिल्ली जाते हैं, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विपक्ष ने कभी मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों पर सवाल नहीं उठाए।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह सदन में राजनीतिक टिप्पणियां करते हैं, जबकि उन्हें अधिक जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार यह कहना कि विपक्ष तथ्यों पर नहीं बोलता, एक गंभीर आरोप है।
पेट्रोल-डीजल पर सेस को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने विधेयक पारित कर दिया है, तो क्या यह स्पष्ट नहीं है कि सेस लगाया जाएगा? उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है, तो इसमें गलत क्या है।
बहस के दौरान माहौल इतना गरम हो गया कि कुछ समय के लिए सदन में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां तक कि जयराम ठाकुर द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं पर की गई टिप्पणी को कार्यवाही से हटाना पड़ा।