#राजनीति
March 23, 2026
हिमाचल के मंत्री की टैक्स पर दो टूक : पंजाब सरकार कोर्ट जाए चाहे भगवान के पास- हमें फर्क नहीं पड़ता
वाहनों से एक्सल वेट के आधार पर लिया जाएगा शुल्क
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर हिमाचल और पंजाब के बीच तनातनी तेज होती नजर आ रही है। हिमाचल की सुक्खू सरकार द्वारा टैक्स में बढ़ोतरी के फैसले के बाद यह मुद्दा अब दो राज्यों के बीच विवाद का रूप ले चुका है। पंजाब सरकार की ओर से जवाबी टैक्स लगाने के संकेत मिलने के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।
आज शिमला में हुई कैबिनेट बैठक के बाद इस पूरे मामले पर हिमाचल सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि, राज्य सरकार को अपने राजस्व बढ़ाने के लिए टैक्स लगाने का पूरा अधिकार है।
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उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है और नई व्यवस्था के तहत फास्टैग आधारित टैक्स वसूली प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें वाहनों से एक्सल वेट के आधार पर शुल्क लिया जाएगा।
टैक्स वृद्धि को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि कुछ श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जैसे कुछ वाहनों के लिए शुल्क 130 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये किया गया है, यानी केवल 40 रुपये का अंतर है। वहीं कई श्रेणियों में टैक्स घटाया भी गया है, लेकिन उस पहलू को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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पंजाब सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने की बात पर उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पंजाब सरकार कोर्ट जाए चाहे भगवान के पास- हमें फर्क नहीं पड़ता। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि हिमाचल सरकार किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहती और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री से संवाद स्थापित किया है। दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति से रास्ता निकालने के प्रयास जारी हैं, ताकि व्यापार और आवाजाही पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
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