धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में केंद्र से वित्तीय मदद और राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा के बयानों पर पर अब बेहद तीखा और दो-टूक जवाब दिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जनहितैषी सरकार बनी है, तब से केंद्र सरकार ने राज्य पर कई तरह की बंदिशें थोप दी हैं।

 

हिमाचल की वित्तीय सहायता पर रोक लगा दी गई, राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) बंद कर दिया गया और राज्य की उधारी पर भी कैंची चला दी गई। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार ने हार नहीं मानी और आज हिमाचल विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा हो रहा है।

 

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सीएम सुक्खू ने विपक्ष को दी नसीहत

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता जेपी नड्डा के बयानों का जिक्र करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को करीब 9,600 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे और वित्तीय सीमाओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र की तमाम आर्थिक घेराबंदी और अड़चनों के बावजूद उनकी सरकार ने राज्यहित में कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सीएम सुक्खू ने तंज कसते हुए विपक्ष से आग्रह किया कि वे नकारात्मक राजनीति छोड़कर प्रदेश के विकास के लिए उठाए जा रहे सकारात्मक कदमों की सराहना करें।

 

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मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था पर भी भाजपा को घेरा

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में करीब 20 साल बाद वरिष्ठ चिकित्सकों के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। उनके अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं में करीब 60 प्रतिशत सुधार हुआ है। सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

धर्मशाला में 33.78 करोड़ से बनेगा आइस स्केटिंग रिंक

धर्मशाला में मुख्यमंत्री ने 33.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आइस स्केटिंग रिंक का शिलान्यास किया। परियोजना में 1,079 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। भवन के बेसमेंट में जिम, बिलियर्ड्स रूम और कैफे बनाया जाएगा, जबकि धरातल मंजिल पर वीआईपी लाउंज होगा। रोलर स्केटिंग रिंक की दर्शक दीर्घा में 250 लोगों के बैठने की सुविधा और परिसर में 250 वाहनों की पार्किंग भी प्रस्तावित है।

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मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण में अनियमितताएं पाई गईं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

सीवरेज संयंत्र से 7,500 परिवारों को राहत

मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में 9.82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन संयंत्र का लोकार्पण भी किया। प्रतिदिन 60 किलोलीटर क्षमता वाला यह संयंत्र उन सात वार्डों को लाभ पहुंचाएगा, जो अब तक सीवरेज नेटवर्क से वंचित थे। इससे करीब 7,500 परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

 

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नए जिलों पर आयोग की सिफारिशों के बाद फैसला

मुख्यमंत्री ने नए जिलों और प्रशासनिक क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया जाएगा। केंद्र से आर्थिक सहायता का मुद्दा जहां प्रदेश की राजनीति में टकराव का विषय बना हुआ है, वहीं मुख्यमंत्री ने वित्तीय चुनौतियों के बीच विकास कार्य जारी रखने को अपनी सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया। अब इस मुद्दे पर भाजपा की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

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