शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर बैकडोर भर्ती के गंभीर आरोप लगने के बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। धर्मशाला स्थित स्कूल शिक्षा बोर्ड में 8 पदों पर नियमों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से नियुक्तियां करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि चयनित हुए सभी आठों लोग प्रदेश के शिक्षा मंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र के हैं। यह सभी आरोप भाजपा विधायक ने लगाए हैं और उन्होंने सुक्खू सरकार के खिलाफ खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा विधायक ने बेरोजगार युवाओं के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

बिना विज्ञापन, बिना टेस्ट बांट दीं सरकारी नौकरियां

इस पूरे सियासी बवंडर की शुरुआत भाजपा के फायरब्रांड विधायक और पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष विनोद कुमार के तीखे हमले से हुई। विनोद कुमार ने दस्तावेजी दावों के साथ सुक्खू सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में सेवा समिति (आउटसोर्स एजेंसी) के माध्यम से चार डेटा एंट्री ऑपरेटर और चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कुल आठ पदों को गुपचुप तरीके से भर दिया गया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में आफत की बारिश: भारी भूस्खलन से हवा में लटका वाहन, खड्ड में बहने से शख्स की मौ*त

 

इन पदों के लिए न तो कोई सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया, न ही प्रदेश के लाखों योग्य बेरोजगारों से आवेदन मांगे गए। पूरी चयन प्रक्रिया को परदे के पीछे रखकर इतनी गोपनीयता से अंजाम दिया गया कि किसी को भनक तक नहीं लगी।

शिक्षा मंत्री के हलके पर विशेष मेहरबानी

भाजपा विधायक ने सबसे बड़ा हमला नियुक्तियों के भौगोलिक कनेक्शन पर किया। विनोद कुमार ने खुलासा करते हुए कहा fd सबसे गंभीर और हैरान करने वाला सच यह है कि ये सभी 8 नियुक्तियां सीधे शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के लोगों को खैरात में बांटी गई हैं। मैं मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि क्या पूरे हिमाचल में योग्य और पढ़े-लिखे युवा सिर्फ जुब्बल-कोटखाई में ही रहते हैं? क्या कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, चंबा, सिरमौर, हमीरपुर और बिलासपुर के बेरोजगार युवा इन नौकरियों के काबिल नहीं थे?"

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: बस से ले जा रहे थे ढेर सारा नशा, 6 किलो चरस-अफीम के साथ 3 हरियाणवी अरेस्ट

5 लाख रोजगार का वादा बनाम भाई-भतीजावाद का खेल

भाजपा ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को याद दिलाते हुए सरकार को जमकर घेरा। विनोद कुमार ने कहा कि चुनाव से पहले सुक्खू और कांग्रेस नेताओं ने हर साल 1 लाख और पांच साल में 5 लाख सरकारी नौकरियां देने का बड़ा दम भरा था। लेकिन आज हकीकत यह है कि पारदर्शी व्यवस्था की जगह 'भाई-भतीजावाद' और 'बैकडोर एंट्री' का खेल चल रहा है। शिक्षा बोर्ड प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी की मिलीभगत से युवाओं के भरोसे का कत्ल किया गया है, जिससे हिमाचल के युवाओं का सरकारी सिस्टम से विश्वास उठ रहा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : 18 साल से कम उम्र की भतीजी संग चाचा ने की नीचता, कोर्ट ने 20 वर्षों के लिए भेजा जेल

मुख्यमंत्री सुक्खू से मांगी उच्चस्तरीय जांच

भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि विवादित नियुक्तियों की समीक्षा कर आवश्यकता पड़ने पर नई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि प्रदेश के सभी योग्य युवाओं को समान अवसर मिल सके। भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने चहेतों को उपकृत करने का यह खेल बंद नहीं किया, तो हिमाचल का आक्रोशित युवा सड़कों पर उतरकर इसका लोकतांत्रिक जवाब देगा।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें