मंडी। हिमाचल प्रदेश में एक तरफ जहां भारी बारिश से जमकर तबाही हुई है। वहीं प्रदेश में बन रहे फोरलेन की गलत कटिंग के चलते भी कई लोग बेघर होने को मजबूर हुए हैं। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई की लापरवाही पर कई गरीब लोगों के आशियाने जहां धराशायी हो गए हैं, वहीं कई लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। जिसके चलते उन्हें अपने घर खाली करने पड़े हैं। एनएचएआई की इस लापरवाही पर अब प्रदेश की सुक्खू सरकार के ही एक विधायक ने मोर्चा खोल दिया है। 

तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं विधायक

दरअसल मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-003 (मंडी-जालंधर वाया धर्मपुर) के चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही और घटिया निर्माण को लेकर कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। हाईवे निर्माण में अनियमितताओं के खिलाफ विधायक पिछले 38 घंटों से अवाहदेवी चौक पर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक इस प्रोजेक्ट में लिप्त निर्माण कंपनी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के जिम्मेदार अधिकारियों को बदला नहीं जाता और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होती] तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

 

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400 से अधिक घरों को नुकसान, 22 पंचायतें प्रभावित

विधायक चंद्रशेखर का आरोप है कि हाईवे निर्माण के दौरान की गई अवैज्ञानिक कटिंग और घटिया डंगे (रिटेनिंग वॉल) अब धर्मपुर क्षेत्र में आपदा का रूप ले चुके हैं। उनके अनुसार अब तक लगभग 400 मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की 22 पंचायतों में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। बारिश के मौसम में लोगों को हर समय घर गिरने का भय सताता है। सड़क निर्माण से निकला मलबा खेतों और घरों की जमीन में जमा हो गया है] जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

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युवाओं और मरीजों की जिंदगी पर असर

विधायक ने बताया कि निर्माणाधीन सड़क के कारण कई प्रतियोगी छात्र परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाए। वहीं बदहाल रास्तों की वजह से कई मरीज अस्पताल नहीं पहुंच सके और रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने इस मानवीय संकट के लिए निर्माण एजेंसी और NHAI अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।

तीन साल में सिर्फ 40% काम, उतना ही बजट खर्च

विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को शुरू हुए तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल 40% कार्य ही पूरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल बजट का भी केवल 40% हिस्सा खर्च किया गया है और वह भी घटिया निर्माण में झोंका गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।

नितिन गडकरी से सीधी अपील

चंद्रशेखर ठाकुर ने साफ कहा है कि अब इस मुद्दे का समाधान केवल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों में हमने MoRTH और निर्माण कंपनी से लगातार संपर्क किया, लेकिन हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब समय खत्म हो चुका है। अगर केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो मैं अपनी आखिरी सांस तक यह आंदोलन जारी रखूंगा।

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मुख्यमंत्री का समर्थन, भाजपा पर हमला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चंद्रशेखर के अनशन का संज्ञान लेते हुए उनसे संपर्क कर हालचाल जाना है। सीएम ने फोन पर विधायक को अपना समर्थन जताया है। वहीं, भाजपा नेता रजत ठाकुर की आलोचना करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि "अगर उन्हें इस क्षेत्र की तबाही नजर नहीं आ रही है, तो उन्हें अपना चश्मा बदलने की जरूरत है।"

 

धर्मपुर हाईवे निर्माण की लापरवाही ने विकास की बजाय विनाश का चेहरा अख्तियार कर लिया है। स्थानीय जनता त्रस्त है, जनप्रतिनिधि आंदोलित हैं और अब यह मुद्दा सीधे तौर पर केंद्र सरकार के दरवाजे पर पहुंच चुका है। देखना होगा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस स्थिति पर क्या रुख अपनाते हैं और धर्मपुर के लोगों को राहत कब तक मिलती है।

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