शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। रविवार को राजधानी शिमला में भाजपा की ओर से निकाली गई पदयात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस सरकार से लेकर दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक को निशाने पर लिया। दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट चोरी, लोकतंत्र बचाओ’ रैली को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए और राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों को चुनौती दी।
पदयात्रा के दौरान हमीरपुर से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब तक अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं कर पाए हैं। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि जब उनसे सबूत मांगे जाते हैं तो वह प्रमाण देने के बजाय अपनी ‘फीलिंग’ की बात करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल किसी की फीलिंग के आधार पर चलेगी?
हार की सेंचुरी पूरी करने वाले हैं राहुल गांधी
अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 99 हार के बाद अब उनकी हार की सेंचुरी पूरी होने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय बार-बार वोट चोरी का मुद्दा उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने आरोपों को लेकर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के सामने भी प्रमाण नहीं दे पाए हैं। अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाया, “क्या फीलिंग के भरोसे देश चलेगा?
यह भी पढ़ें : हिमाचल में हिमंत सरमा ने राहुल गांधी को कहा 'पागल', बोले- वोट चोरी छोड़ो, हमसे दिल चोरी करना सीखो
अराजकता फैलाने की कोशिश का आरोप
भाजपा सांसद ने अपने भाषण में कांग्रेस की राजनीति को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव और जनता का जनादेश है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाकर विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर कर रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 16 महीने से नहीं बना स्कूल : बच्चों की पढ़ाई पर संकट, एक कमरे में लग रही पांच कक्षाएं
उन्होंने बांग्लादेश और रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे को भी उठाया। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की राजनीति का उद्देश्य भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों के वोट बनवाकर राजनीतिक समीकरण बदलना है। यह आरोप उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला करते हुए लगाया।
1984 के सिख विरोधी दंगों पर कांग्रेस से मांगा जवाब
अनुराग ठाकुर ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस दिन कांग्रेस लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है, उसी दिन देश को 1984 की घटनाओं और सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा को भी याद करना चाहिए। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र तथा संविधान की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत का जवाब देना चाहिए।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिर महंगा हुआ LPG सिलेंडर, दिवाली से पहले लगा महंगाई का झटका; जानें कितने बढ़े दाम
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज लोकतांत्रिक मूल्यों की बात कर रही है, जबकि उसके शासनकाल में आपातकाल लगाया गया था। उस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर पाबंदियां लगीं, विपक्षी नेताओं को जेल में बंद किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई। अनुराग ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले आपातकाल और अपने शासनकाल के विवादित अध्यायों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
SIR पर कांग्रेस को घेरा, पूछा- पहले सही था तो अब गलत कैसे?
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर उसे आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब भाजपा के समय यही प्रक्रिया उसे गलत नजर आ रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस के शासनकाल में SIR सही था, तो आज भाजपा के समय यह गलत कैसे हो गया?
यह भी पढ़ें : मोदी सरकार ने हिमाचल को दी बड़ी राहत: करोड़ों के बजट को दी मंजूरी; जानें कहां होगा खर्च
अनुराग ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह संविधान के प्रावधानों के अनुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने पुराने रुख और राजनीतिक इतिहास पर विचार करने की नसीहत दी। भाजपा का कहना है कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के लिए जरूरी है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया तथा उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
दिल्ली की रैली पर भाजपा का पलटवार
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से वोट चोरी तथा SIR के विरोध में आयोजित रैली को लेकर भी शिमला में भाजपा नेताओं ने निशाना साधा। भाजपा ने अपनी पदयात्रा के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने और SIR के समर्थन में अपना पक्ष जनता तक पहुंचाने की कोशिश की। शिमला में भाजपा की पदयात्रा ऐसे दिन आयोजित हुई, जब दिल्ली में कांग्रेस का बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम था। एक ओर कांग्रेस वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठा रही थी, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ कांग्रेस के आरोपों और उसके राजनीतिक इतिहास को मुद्दा बनाया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में चिट्टा तस्करों की अब खैर नहीं! पुलिस के साथ मैदान में उतरेंगी आशा वर्कर्स
2027 के चुनाव की तैयारी का संदेश
भाजपा नेताओं ने इस आयोजन के जरिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ-साथ हिमाचल की सुक्खू सरकार को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रखा। अनुराग ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया और दावा किया कि प्रदेश की जनता चुनाव में कांग्रेस को जवाब देगी। हालांकि, चुनावी नतीजे जनता के फैसले से ही तय होंगे, लेकिन शिमला की इस पदयात्रा ने साफ कर दिया कि हिमाचल में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
