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October 24, 2026

सुक्खू सरकार फिर लेने जा रही 400 करोड़ का लोन, 1.10 लाख करोड़ के पास पहुंचा कर्ज का पहाड़

2049 में चुकानी होगी कर्ज की मूल राशि

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Himachal Pradesh news

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर 400 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। सरकार ने इस कर्ज को लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए लोन के बाद प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा। सरकार के मुताबिक, कर्ज से मिलने वाली रकम को प्रदेश के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

400 करोड़ के कर्ज पर देना होगा 7.77 प्रतिशत ब्याज

सरकार इस 400 करोड़ रुपये के कर्ज पर हर साल 7.77 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाएगी। यानी 400 करोड़ रुपये पर एक साल में करीब 31.08 करोड़ रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में देने होंगे। यह कर्ज 23 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है।

 

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27 अक्टूबर को होगी बॉन्ड की नीलामी

वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 400 करोड़ रुपये के सरकारी प्रतिभूति बॉन्ड की नीलामी 27 अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय में होगी। यह 7.77 प्रतिशत ब्याज दर वाले हिमाचल प्रदेश SGS 2049 बॉन्ड की दोबारा जारी होने वाली सीरीज है।

2049 में चुकानी होगी कर्ज की मूल राशि

सरकार के मुताबिक, इस कर्ज से मिलने वाली 400 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी ली गई है। इस बॉन्ड की अवधि 23 साल रखी गई है। इसकी अवधि 24 जून 2026 से मानी जाएगी और कर्ज की मूल राशि 24 जून 2049 को चुकानी होगी। यानी सरकार को करीब 23 साल बाद 400 करोड़ रुपये की मूल रकम वापस करनी होगी।

 

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साल में दो बार मिलेगा ब्याज

बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान साल में दो बार किया जाएगा। हर साल 24 जून और 24 दिसंबर को ब्याज की किस्त दी जाएगी। इस तरह सरकार को मूल राशि लौटाने से पहले लंबे समय तक ब्याज का भुगतान करना होगा। साथ ही लोगों का कहना है किसी को कुछ कहने के लिए

SLR के लिए भी मान्य होंगे बॉन्ड

सरकार ने यह भी साफ किया है कि इन बॉन्ड में किया गया निवेश बैंकिंग नियमन अधिनियम के तहत वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) के लिए पात्र सरकारी प्रतिभूतियों में शामिल माना जाएगा।

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