शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी लंबित मांगों को लेकर दृष्टिबाधितों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा। आज मंगलवार को दृष्टिहीन संघ के सदस्यों ने सचिवालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित रहा और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
सरकार समाधान के लिए नहीं उठा रही ठोस कदम
दरअसल, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्षों से मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
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उनका आरोप है कि दिव्यांग वर्ग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि कई विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है, जिससे योग्य अभ्यर्थी रोजगार से वंचित हैं।
सहारा योजना पेंशन पिछले एक वर्ष से बंद
दृष्टिबाधित संघ ने दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी की भी मांग की। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए वर्तमान पेंशन राशि पर्याप्त नहीं है। इसलिए मासिक पेंशन को बढ़ाकर 5100 रुपये किया जाना चाहिए, ताकि दिव्यांगजन सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
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संघ के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सहारा योजना के तहत मिलने वाली पेंशन पिछले करीब एक वर्ष से बंद है। उनका कहना है कि इस वजह से कई जरूरतमंद दिव्यांगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस योजना को तुरंत बहाल करने की मांग की।
तीन वर्षों से मांगों को लेकर कर रहे हैं संघर्ष
इसके अलावा यूनियन ने यूडीआईडी यानी Unique Disability ID कार्ड व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने, दिव्यांगों को आवास योजनाओं में प्राथमिकता देने तथा बिना शर्त लाभ प्रदान करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि दिव्यांग वर्ग को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कई प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
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प्रदर्शन के दौरान संघ के नेताओं ने कहा कि वे पिछले लगभग तीन वर्षों से अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों की दो टूक
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से दिव्यांगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
