शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने पंचायती राज विभाग और जिला परिषद के कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। सरकार ने सालों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और नियमित कर्मियों को वित्तीय लाभ का एक बड़ा तोहफा दिया है। सुक्खू सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर दैनिक भोगियों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर जिला परिषद कर्मियों के लंबे समय से लंबित एरियर के भुगतान का रास्ता भी साफ हो गया है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि
सुक्खू सरकार ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से डटे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने इनके मानदेय में सीधी बढ़ोतरी कर दी है। बड़ी बात यह है कि यह बढ़ोतरी पिछले 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी, जिसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का पूरा पैसा एरियर (बकाया) के रूप में एक साथ मिलेगा। विभाग के निदेशक ने प्रदेश के सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को नई दरों के अनुसार तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
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3700 से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार के नए निर्णय के तहत प्रदेश की करीब 1600 सिलाई अध्यापिकाओं और लगभग 2100 पंचायत चौकीदारों को बढ़ी हुई दिहाड़ी का लाभ मिलेगा। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि संशोधित दरों के अनुसार भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जा सके। इनमें से अधिकांश कर्मचारी पिछले एक दशक से भी अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
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सिलाई अध्यापिकाओं और चौकीदारों की बढ़ी दिहाड़ी
सरकार द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार सिलाई अध्यापिकाओं के दैनिक मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह पंचायत चौकीदारों को भी पहले की तुलना में अधिक दिहाड़ी मिलेगी। कर्मचारियों को अब संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा और अप्रैल माह से अब तक की बढ़ी हुई राशि एरियर के रूप में भी प्रदान की जाएगी।
जनजातीय क्षेत्रों के कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ
सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पहले से लागू विशेष प्रावधानों को भी जारी रखा है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और अन्य अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत सिलाई अध्यापिकाओं और पंचायत चौकीदारों को संशोधित दिहाड़ी के अतिरिक्त 25 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलता रहेगा। इस फैसले से दुर्गम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी।
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जिला परिषद कर्मचारियों को भी राहत
दूसरी ओर सुक्खू सरकार ने जिला परिषद कैडर के नियमित कर्मचारियों को भी बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार ने संशोधित वेतनमान के तहत लंबित एरियर जारी करने का फैसला लिया है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें अब तक संशोधित वेतनमान का पूरा वित्तीय लाभ नहीं मिल पाया था। बताया जा रहा है कि प्रदेश के करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे थे, जिन्हें वेतन पुनर्निर्धारण के बावजूद लंबित एरियर नहीं मिला था। अब सरकार ने उनके लिए भी रास्ता साफ कर दिया है।
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दो साल से अधिक अवधि का मिलेगा एरियर
सरकार के निर्णय के अनुसार जिला परिषद कर्मचारियों को 23 सितंबर 2022 से 6 मार्च 2024 तक की अवधि का लंबित वित्तीय लाभ दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने सभी जिला परिषदों और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और लंबे समय से लंबित मांग का समाधान होगा।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
सरकार के इस फैसले के बाद पंचायती राज विभाग से जुड़े कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों ने भी इसे सकारात्मक कदम बताते हुए सरकार का आभार जताया है। माना जा रहा है कि दिहाड़ी और वेतन संबंधी इस राहत से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
