शिमला। हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जुब्बल में प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स स्कूल शुरू किया जा रहा है। यहां बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सरकार की इस पहल से हिमाचल की बेटियों को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

180 छात्राओं को मिलेगा दाखिला

पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल के नाम से चल रहे इस संस्थान में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कुल 180 छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा। इनमें से 130 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेंगी, जबकि जुब्बल और आसपास के इलाकों की 50 छात्राएं डे-स्कॉलर के तौर पर स्कूल में पढ़ेंगी।

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8 अलग-अलग खेलों की मिलेगी ट्रेनिंग

प्रदेशभर से खेल प्रतिभाओं को चुनने के लिए पहले ही चयन ट्रायल करवाए जा चुके हैं। चयनित छात्राओं को पढ़ाई के साथ नियमित और विशेषज्ञों की निगरानी में खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्पोर्ट्स स्कूल में वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, जूडो, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे 8 खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

पढ़ाई और खेल की ट्रेनिंग एक ही जगह

हिमाचल प्रदेश स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव संतोष चौहान का कहना है कि अब बेटियों को पढ़ाई और खेल की ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग जगहों पर नहीं जाना पड़ेगा। दोनों सुविधाएं एक ही परिसर में मिलने से छात्राएं पढ़ाई के साथ अपने खेल पर भी बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगी।

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रहने-खाने से लेकर खेल का सामान भी मुफ्त

स्पोर्ट्स स्कूल में चयनित खिलाड़ियों को रहने और खाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। विभाग हर खिलाड़ी के खाने पर रोजाना 240 रुपये खर्च करेगा। पहले यह राशि 120 रुपये प्रतिदिन थी। इसके अलावा छात्राओं को स्पोर्ट्स किट, जूते और जरूरी खेल उपकरण भी मुफ्त दिए जाएंगे। पहले यहां सिर्फ स्पोर्ट्स हॉस्टल चलता था, लेकिन अब इसके साथ स्कूल की पढ़ाई भी शुरू होगी।

स्कूल गेम्स में हिमाचल ने जीते 48 पदक

खेलों में हिमाचल के खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। पिछले साल स्कूल गेम्स में प्रदेश ने रिकॉर्ड 48 पदक जीते थे। वहीं, पिछले एक साल में हिमाचल के 22 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ऐसे में उम्मीद है कि स्पोर्ट्स स्कूल शुरू होने के बाद बेटियों को आगे बढ़ने का और बेहतर मौका मिलेगा।

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सफल रहा प्रयोग तो खुल सकते हैं और स्पोर्ट्स स्कूल

हिमाचल ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजेश भंडारी ने शिक्षा विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि खेल प्रतिभाओं को छोटी उम्र से तैयार करने के लिए ऐसे और संस्थानों की जरूरत है। उन्होंने अच्छे कोच, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी और खिलाड़ियों के खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही है।

ओलंपिक एसोसिएशन देगा तकनीकी मदद

हिमाचल ओलंपिक एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग को तकनीकी सहयोग देने की भी पेशकश की है। अगर जुब्बल का यह स्पोर्ट्स स्कूल सफल रहता है, तो आने वाले समय में प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे स्कूल खोले जा सकते हैं। इससे हिमाचल की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।