#विविध
September 27, 2026
किन्नर कैलाश में फंसे राजस्थान के 9 श्रद्धालु, रेस्क्यू टीम रवाना- बर्फबारी ने बढ़ाई परेशानी
बर्फबारी से संपर्क में भी आई दिक्कत
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रिकांगिपिओ। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जिले की ऊंची चोटियों पर शनिवार को सीजन की पहली हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़नी शुरू कर दी है।
इसी बीच किन्नर कैलाश क्षेत्र से नौ श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गए हैं। राजस्थान से आए सभी नौ श्रद्धालु किन्नर कैलाश की गुफा के पास बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी सुरक्षित हैं।
श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलते ही किन्नौर पुलिस और होमगार्ड की 10 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम यानी क्यूआरटी को रेस्क्यू के लिए रवाना कर दिया गया है। टीम का प्रयास है कि मौसम और रास्ते की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं को जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए।
किन्नर कैलाश की ऊंची चोटियों पर मौसम बिगड़ने के साथ बर्फबारी शुरू हो गई। इस वजह से इलाके में मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। एसपी किन्नौर सुशील कुमार शर्मा के अनुसार नेटवर्क की समस्या के चलते श्रद्धालुओं से लगातार संपर्क स्थापित करने में परेशानी आ रही है। हालांकि, प्रशासन के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी नौ श्रद्धालु सुरक्षित हैं।
रेस्क्यू टीम को मौके की ओर भेज दिया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने भी चुनौती बनी हुई है।
किन्नौर के पूह क्षेत्र के कुनो चारंग में भी शनिवार को दिन के समय बर्फबारी हुई। वहीं जिले के कई अन्य हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने के बाद तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर बढ़ने लगा है।
मौसम के इस बदलाव को प्रदेश में सर्दी की दस्तक के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान तेजी से नीचे जाने लगा है।
शिमला मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 29 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 27 सितंबर को सिरमौर में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी है।
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं, आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड और बढ़ने की संभावना है।
गौरतलब है कि इस वर्ष किन्नर कैलाश यात्रा के लिए पूर्बनी-डांगलीडेन-गुफा मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर शुरू किया गया था। 17 से 23 अगस्त तक चली यात्रा में इस मार्ग से 298 श्रद्धालुओं ने किन्नर कैलाश की यात्रा पूरी की थी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता किन्नर कैलाश क्षेत्र में फंसे राजस्थान के नौ श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालना है। मौसम की स्थिति और मोबाइल नेटवर्क को देखते हुए रेस्क्यू टीम की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।