#हादसा
September 28, 2026
हिमाचल की पार्वती घाटी से 2 ट्रैकर गायब : एक महीने से ढूंढ रहे परिजन, पुलिस पर उठे सवाल
बेटों के सही-सलामत मिलने की कामना कर रहे परजिन
शेयर करें:

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी में ट्रैकिंग के दौरान लापता हुए दो युवकों का करीब एक महीने बाद भी पता नहीं चल पाया है। दोनों ट्रैकिंग के लिए निकले थे। मगर आज दिन तक वापस नहीं लौटे हैं।
लापता युवकों के परिजन एक महीने से बेटों के सही-सलामत घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में बचाव टीमों ने कई स्तर पर खोज अभियान चलाया गया। इसके बावजूद अभी तक दोनों के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
पार्वती घाटी में पहले भी ट्रैकिंग के दौरान पर्यटकों के लापता होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। नए मामलों के बाद एक बार फिर कठिन ट्रैकिंग रूट, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन रेस्क्यू व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार-
झारखंड के रहने वाले 24 वर्षीय मेडिकल छात्र सुकांत गुइन बीती 8 अगस्त को अकेले मलाणा की दिशा में ट्रैकिंग के लिए निकला था। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया। उसकी तलाश में रेस्क्यू टीमों ने करीब 3700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चंद्रखणी दर्रे और आसपास के कठिन इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
स्थानीय बचाव से जुड़े लोगों ने आशंका जताई है कि युवक किसी खड़ी ढलान से नीचे गिरा हो सकता है। जंगली क्षेत्र होने के कारण वन्यजीवों से जुड़े खतरे की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
सुकांत के पिता ने राज्य सरकार से दुर्गम ट्रैकिंग क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने सोलो ट्रैकिंग को नियंत्रित करने के साथ ऐसे पर्यटकों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन या ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग रखी है।
दूसरे मामले में दिल्ली के 32 वर्षीय नरेंद्र रावत बीती 22 अगस्त को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन 24 अगस्त को मणिकर्ण में दर्ज हुई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
परिवार की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बाद FIR दर्ज करने और मोबाइल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई।