बिलासपुर/कुल्लू। आज के दौर में जहां अक्सर खोया हुआ सामान वापस मिलने की उम्मीद कम ही होती है, वहीं हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से ईमानदारी की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर स्थित एक ढाबा संचालक ने लाखों रुपये मूल्य का सामान उसके असली मालिक को सुरक्षित लौटाकर इंसानियत और भरोसे की शानदार मिसाल पेश की है।

पर्स में था चार लाख रुपये का सामान

जानकारी के अनुसार, कुल्लू निवासी एक परिवार सफर के दौरान बिलासपुर स्थित एक ढाबे पर भोजन करने के लिए रुका था। खाना खाने के बाद परिवार जल्दबाजी में वहां से रवाना हो गया, लेकिन अपना पर्स ढाबे में ही भूल गया।

 

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पर्स में सोने की चेन, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान रखा हुआ था, जिसकी कुल कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है। कुछ समय बाद ढाबा संचालक आशु की नजर उस पर्स पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी लालच के उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया और उसके असली मालिक तक पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी।

परिवार ने ढाबा संचालक का जताया आभार

काफी प्रयासों के बाद उन्हें परिवार से संपर्क करने में सफलता मिली। परिवार से संपर्क होने के बाद ढाबा संचालक ने पर्स की सही पहचान सुनिश्चित की। सभी जानकारी का मिलान करने के बाद उन्होंने पर्स में रखा पूरा सामान बिना किसी कमी के उसके असली मालिक को लौटा दिया। पर्स में मौजूद नकदी, सोने के आभूषण और अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित देखकर परिवार ने राहत की सांस ली।

 

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अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस मिलने पर परिवार ने ढाबा संचालक आशु का दिल से धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे लोग समाज में विश्वास और मानवता को जीवित रखते हैं।

क्षेत्र में हो रही खूब वाहवाही

इस घटना की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोगों ने भी आशु के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि आज के समय में जब छोटी-छोटी बातों पर भरोसा टूट जाता है, तब इस तरह की ईमानदारी समाज के लिए प्रेरणा बनती है।

 

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ढाबा संचालक आशु की यह मिसाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का मानना है कि ऐसे कार्य न केवल व्यक्ति का सम्मान बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में भरोसे और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।

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