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August 15, 2026

सुक्खू सरकार ने HC के सामने पेश किए आंकड़े, प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा GOVT JOBS पद खाली

सरकार से मांगा गया अतिरिक्त शपथपत्र

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Himachal Pradesh High Court

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में आउटसोर्स भर्तियों को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश में खाली पड़े सरकारी पदों का आंकड़ा सामने रखा है। सरकार की ओर से कोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल के अलग-अलग सरकारी विभागों में एक लाख से ज्यादा पद अभी खाली हैं। सरकार ने यह जानकारी अदालत में शपथपत्र के जरिए दी है।

प्रदेश में 1,07,466 पद खाली

सरकार की ओर से कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 3,36,542 पद स्वीकृत हैं। इनमें से भर्ती नियमों के तहत फिलहाल 2,28,891 पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। वहीं, 1,07,466 पद खाली पड़े हैं, जिन्हें अभी भरा जाना बाकी है।

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आउटसोर्स के जरिए 14 हजार से ज्यादा लोग कर रहे काम

सरकार ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान में 14,619 लोग आउटसोर्स के माध्यम से अलग-अलग विभागों में काम कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और खाली पदों को भरने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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साढ़े तीन साल में 22 हजार से ज्यादा नियुक्तियां

सरकार ने बताया कि पिछले करीब साढ़े तीन साल में भर्ती नियमों के तहत 10,989 पद सीधे तौर पर भरे गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 12,004 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।

60 स्टाफ नर्सों की आउटसोर्स भर्ती पर भी सवाल

इसी मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने 60 स्टाफ नर्सों की आउटसोर्स आधार पर भर्ती के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने टेंडर में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है।

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दूसरी कंपनियों को बाहर करने का आधार साफ नहीं

अदालत ने कमेटी की बैठक की कार्यवाही के रिकॉर्ड को देखने के बाद कहा कि टेंडर में शामिल दूसरी कंपनियों को बाहर करने का कोई स्पष्ट और वैध आधार रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रहा है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि आखिर किस आधार पर अन्य दावेदारों को अयोग्य ठहराया गया और एक खास कंपनी के पक्ष में मांग तय की गई।

 

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सरकार से मांटेंडर प्रक्रिया में सामने आई इन विसंगतियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील को इस मामले से जुड़ा अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट अब सरकार से टेंडर प्रक्रिया को लेकर और जानकारी चाहता है।गा गया अतिरिक्त शपथपत्र  

अगली सुनवाई सितंबर में होगी

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने सरकार की ओर से पेश किए गए नए शपथपत्र और आंकड़ों को पढ़ने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। इसके बाद हाई कोर्ट ने आउटसोर्स भर्ती और स्टाफ नर्स टेंडर से जुड़ी सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ दिया है। मामले की अगली सुनवाई सितंबर में होगी।

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