शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश पर कोई आर्थिक संकट नहीं है। सरकार द्वारा व्यवस्थित ढंग से वित्तीय स्थितियों को ठीक किया जा रहा है। सीएम सुक्खू ने कहा कि बीजेपी द्वारा इस पूरे मुद्दे पर राजनीति की जा रही है। प्रदेश में आर्थिक इमरजेंसी जैसे हालात नहीं है।
केंद्र से मांग रहे अपना हक
CM सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र से अपना अधिकार मांगा जा रहा है। केंद्र की मदद से हिमाचल के आर्थिक हालात जल्द सुधर सकते हैं। वहीं CM सुक्खू ने हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की बात कही और कहा कि आने वाले कुछ ही वर्षों में हिमाचल देश का सबसे अमीर राज्य होगा। यह भी पढ़ें: सितंबर में सिर्फ 15 दिन ही होगा बैंकों में काम, आधा महीना लटका रहेगा ताला40 साल की व्यवस्था में किया परिवर्तन
CM सुक्खू ने आगे कहा कि 2 महीने की सैलेरी रोकने से हमारा मतलब जनता को जागरूक करना है कि हिमाचल में वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि हिमाचल वित्तीय भार के कारण लेप्स हो रहा है। सीएम ने कहा कि मैं 40 साल से चली आ रही व्यवस्था को ठीक कर रहा हूं। ताकि हिमाचल आगे बढ़ सके।हिमाचल की अर्थव्यवस्था में सुधार
CM सुक्खू ने बताया कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। आने वाले दिनों में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का परिणाम अर्थव्यवस्था में देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो बिजली का बिल भर सकता है उसे बिजली बिल मुफ्त क्यों दिया जाए? 5 सितारा होटल में भी पानी का बिल बीजेपी द्वारा नहीं लिया जा रहा था। जो लोग बिल दे सकते हैं उनसे बिल लेने में क्या एतराज है। मुफ्त बिजली और पानी क्यों दिया जाए? यह भी पढ़ें: गांव में बड़ा घर बनाने का सपना अब नहीं होगा पूरा, लगने जा रही है ये पाबंदियांलोग भी नहीं चाहते फ्री सेवा
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे है जिससे कुछ दिक्कतें देखने को मिलती है, लेकिन समय के साथ सब ठीक भी हो जाएगा। हिमाचल को ऐसे प्रदर्शित किया जा रहा है कि मानो आर्थिक संकट आ गया हो। बल्कि इसमें सच्चाई नहीं है। कुछ लोगों के मुझे फोन आते हैं और उनके द्वारा कहा जाता है कि वह अपना फ्री बिजली और पानी को बंद कर इसका बिल चुकाना चाहते हैं। समृद्ध परिवार से बिल जरूर वसूला जाना चाहिए।BJP सरकार में 85 हजार करोड़ हो गया था कर्ज
सीएम सुक्खू ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने प्रदेश पर 85 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ी। जिसका भुगतान आज करना पड़ रहा है। वहीं सीएन ने कहा कि हमने 7 फीसदी कर्मचारियों को DA दिया है।आर्थिक संकट पर मचा बवाल प्रदेश मानसून सत्र में सीएम सुक्खू ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री-सीपीएस और चेयरमैनों से वेतन और भत्ते 2 महीने तक ना लेने का आग्रह किया था। जिसके बाद प्रदेश में आर्थिक संकट को लेकर बवाल मच गया। बीजेपी के कई नेताओं ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में आर्थिक इमेरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं।View this post on Instagram
