पालमपुर (कांगड़ा)। राजधानी शिमला में आईजीएमसी के मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल से गिरने के कारण कांगड़ा जिला के एक 22 साल के युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। यह युवक शनिवार रात को गर्ल्स हॉस्टल पर चढ़ रहा था। इसी बीच वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। आज रक्षाबंधन पर इस युवक का अंतिम संस्कार किया गया। जिससे इस युवक की दो बहनों को गहरा सदमा लगा है।

कितने साल का था कर्ण

यह युवक कांगड़ा जिला के उपमंडल पालमपुर के भौरा गांव का रहने वाला था। युवक की पहचान 22 वर्षीय कर्ण पटियाल के रूप् में हुई थी। कर्ण जहां अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। वहीं दो बहनों का इकलौता भाई था। आज जहां पूरे देश सहित हिमाचल में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जा रहा है। वहीं कर्ण की इन दोनों बहनों ने भी अपने मृतक भाई की कलाई पर अंतिम राखी बांधी। यह भी पढ़ें:हिमाचल में फिर आई बाढ़: घरों में घुसा पानी- लोग भागने को मजबूर

बहनों ने क्यों बांधी भाई को अंतिम राखी

आज कर्ण का अंतिम संस्कार भौरा के श्मशानघाट में किया गया। घर से कर्ण की अर्थी निकालने से पहले उसकी दोनों बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। दोनों बहनों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि यह उनकी अपने भाई को पहनाने वाली अंतिम राखी है। रक्षाबंधन के दिन घर में मातम पससा हुआ है। इकलौटे बेटे की मौत की खबर सुनते ही कर्ण की मां बेसुध हो गई है। यह भी पढ़ें: रक्षाबंधन से पहले मक्की के खेत में मिली बच्ची: पोस्टमार्टम आज

इकलौते बेटे का शव देख मां हो जा रही बेसुध

पिता वीरेंद्र पटियाल जैसे तैसे अपने आंसूओं को रोक रहे हैं, लेकिन जवान बेटे का शव देख कर वह भी दुखी हैं। कर्ण माता पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दोनों बहनों की शादी पहले ही हो चुकी है। कर्ण शिमला के साथ ही स्थित एक निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। जहां से वह बीती शनिवार की रात को आईजीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल में पहुंच गया था और वहीं पर गिरने से उसकी मौत हो गई थी। यह भी पढ़ें: पति ने मौ*त के घाट उतार दी पत्नी, कमरे में पहुंची बेटियों को इस हाल में मिली मां

आखिर क्या करने गया था आईजीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल

अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि कर्ण आईजीएमसी के इस गर्ल्स हॉस्टल में क्यों और किससे मिलने गया था। लेकिन जो भी हो एक छोटी सी गलती ने दो बहनों से उनका इकलौता भाई और माता पिता से उनका जवान बेटा हमेशा के लिए बिछुड़ गया है। जिसका सदमा परिवार के लोग सह नहीं पा रहे हैं।

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