सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी विभाग कर्मचारी एक अधिकारी के खेत में गेहूं काटते हुए नजर आए। जिसका विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कर्मचारियों ने खुलकर अपनी परेशानी बयां की है।
सरकारी कर्मचारियों से कटवाई गेहूं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला सिरमौर में जल शक्ति विभाग में सामने आया है। जहां सरकारी विभाग के एक अधिकारी पर अपने पद का गलत फायदा उठाने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें जल शक्ति विभाग के चार कर्मचारी एक अधिकारी के खेत में गेहूं काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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दफतर और खेतों में करवाया जाता है काम
कर्मचारियों का आरोप है कि उनके साहब उनसे सिर्फ दफ्तर का काम ही नहीं, बल्कि घर और खेत के निजी काम भी करवाते हैं। उनका कहना है कि कभी उन्हें खेतों में घास कटवाने के लिए भेज दिया जाता है, तो कभी गोबर उठाने जैसे काम भी करवाए जाते हैं। हाल ही में उनसे गेहूं की फसल कटवाई गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
घंटे से ज्यादा करवाया जाता है काम
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अगर वे इन निजी कामों को करने से मना करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। ऐसे में मजबूरी में उन्हें ये सारे काम करने पड़ते हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि उनसे रोजाना 8-8 घंटे या उससे भी ज्यादा काम लिया जाता है, और कई बार उन्हें 20 से 25 किलोमीटर दूर तक बुला लिया जाता है।
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कई महीनों तक नहीं मिलती है सैलरी
इतना ही नहीं, कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता। कई-कई महीनों तक सैलरी अटक जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस वजह से वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहते हैं।
अफसर बोला बेबुनियाद है आरोप
वहीं, जब इस मामले में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। दूसरी तरफ, जिस अधिकारी पर आरोप लगे हैं, उन्होंने इन सभी बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी किसी कर्मचारी से अपने घर या खेत का काम नहीं करवाया है।
