सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में विशेष समुदाय के युवक द्वारा हिंदू नाबालिग लड़की के अगवा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की टीम ने अगवा की गई नाबालिग लड़की को हरियाणा के अंबाला जिला से बरामद कर लिया है। पुलिस इस नाबालिग लड़की को पांवटा साहिब ला रही है, जहां सबसे पहले लड़की को उसके परिजनों से मिलवाया जाएगा और उसके बाद पुलिस आगामी जांच शुरू करेगी।

 

यह मामला सिरमौर जिला के पांवटा साहिब उपमंडल के माजरा पुलिस थाना क्षेत्र का है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब युवती की बरामदगी ना होने से क्षुब्ध परिजनों के अलावा स्थानीय ग्रामीणों, हिंदू संगठनों ने माजरा चौक पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिस बल पर पथराव किया गया, जिससे तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। लोग नाबालिग लड़की की वापसी और उसे भगा कर ले जाने वाले युवक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। 

 

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तनावपूर्ण हालात पुलिस बल तैनात

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांवटा साहिब के एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा और डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की भीड़ माजरा चौक पर डटी रही। प्रदर्शनकारी जब लड़की को भगा कर ले जाने वाले युवक के घर की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन जब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए तो पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी और पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया।

 

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लोगों के प्रदर्शन में बीजेपी नेता हुए शामिल

लड़की को भगाने के इस मामले को उस समय और हवा मिली, जब प्रदर्शनकारियों के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल और स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी भी पहुंच गए और प्रशासन से बहसबाजी करने लगे। बताया जा रहा है कि डॉ बिंदल और एसडीएम के बीच स्थिति को लेकर कुछ कहासुनी भी हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया।

प्रशासन ने लगाई थी धारा 163

हालांकि भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी,, बावजूद इसके बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल रहीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल कानून.व्यवस्था से नहीं, बल्कि जनभावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।

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कहां से शुरू हुआ यह मामला

बता दें कि यह पूरा मामला 4 जून से शुरू हुआ, जब किरतपुर निवासी 19 वर्षीय मोहसिन पर हिंदू नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप लगे। आरोप था कि मोहसिन हिंदू लड़की को बहला.फुसलाकर भगा ले गया। युवती के परिजनों ने माजरा थाने में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी युवती का कोई सुराग नहीं लगा था। इससे आक्रोशित परिजनों और हिंदू संगठनों ने पहले भी प्रदर्शन किया था। पुलिस ने उस समय आश्वासन दिया था कि दो दिनों में युवती को बरामद कर लिया जाएगा, लेकिन शुक्रवार को युवती के ना मिलने पर गुस्साए लोगों ने माजरा चौक पर विरोध प्रदर्शन कर दिया, जो बाद में हिंसक हो गया।

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पुलिस की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि युवती को अंबाला से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। उसे पांवटा साहिब लाया जा रहा है, जहां प्रारंभिक पूछताछ और परिजनों से मिलवाने के बाद पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पथराव की घटना की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुलिस पर हमला किस समूह द्वारा किया गया।

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