कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। अब पुलिस सिर्फ नशा तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से जुटाई गई संपत्तियों पर भी सीधा शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे की कमाई से बनाई गई लाखों रुपये की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।
नशे की कमाई पर बड़ी कार्रवाई
बता दें पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 70 70 लाख रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को आर्थिक रूप से तोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जब तक अवैध कमाई पर चोट नहीं होगी, तब तक इस कारोबार को खत्म करना मुश्किल है।
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नशे की खेप के साथ छह आरोपी गिरफ्तार
पहला मामला 11 फरवरी 2025 का है, जो रामपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। डिटेक्शन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए किन्नौर निवासी साहिल के कब्जे से लगभग 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले की गहराई से जांच के दौरान पुलिस ने सप्लाई नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले, जिसमें 6 अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। सभी को NDPS एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।
नशे से बनाया साम्राज्य
वित्तीय जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों ने नशे के अवैध कारोबार से कमाई गई रकम से लगभग 32 लाख रुपये की संपत्ति बनाई थी। इनमें लग्जरी वाहन, करीब 44.1 ग्राम सोना और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल थीं। पुलिस ने सभी संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद फ्रीज कर दिया है।
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वहीं दूसरा मामला आदतन नशा तस्कर चेतन चौहान से जुड़ा हुआ है, जिसके खिलाफ पहले भी NDPS एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। उस पर PIT-NDPS एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। बाद में उसे 25 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया और वह वर्तमान में कैथू जेल में बंद है।
38 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का हुआ खुलासा
जांच के दौरान चेतन चौहान की वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच की गई, जिसमें करीब 38 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ। इसमें एक ट्रक, एक कार, लगभग 74 ग्राम सोना, बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। इन सभी को भी कानून के तहत फ्रीज कर दिया गया है।
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70 लाख रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों मामलों में कुल मिलाकर करीब 70 लाख रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त/फ्रीज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों के पास किसी भी प्रकार की वैध आय का स्रोत नहीं था और उन्होंने पिछले कई वर्षों में नशा तस्करी से अर्जित पैसों से यह संपत्ति खड़ी की थी।
चार मामलों में 1.83 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में वित्तीय जांच के आधार पर चार मामलों में कुल छह आरोपियों की लगभग 1.83 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह कार्रवाई पिछले वर्षों की तुलना में काफी तेज और सख्त मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले इस तरह की वित्तीय कार्रवाई बहुत कम देखने को मिलती थी।
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पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी नशा तस्करी के नेटवर्क पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आर्थिक रूप से इस पूरे तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने का प्रयास किया जाएगा।
