सोलन। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में सोमवार सुबह कबाड़ कारोबारी को निशाना बनाने की कोशिश से इलाके में सनसनी फैल गई। बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो नकाबपोश युवकों ने कारोबारी पर कथित तौर पर पिस्टल तानकर गोली चलाने का प्रयास किया। घटना के बाद बद्दी पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दोनों संदिग्ध आरोपियों को वारदात के करीब आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

दुकान के बाहर कारोबारी को बनाया निशाना

जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार सुबह स्थानीय कबाड़ व्यवसायी अपनी दुकान के बाहर मौजूद था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। दोनों ने चेहरे ढके हुए थे। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी की ओर पिस्टल तानी और जान से मारने के इरादे से फायर करने की कोशिश की।

 

यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर ने खोला सुक्खू सरकार के कर्ज का हिसाब, बोले- आने वाली पीढ़ियों को भी बना दिया कर्जदार

 

घटना के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी शुरू कर दी और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें सक्रिय कर दी गईं। पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान के निर्देश पर गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस को अंदेशा था कि आरोपी वारदात के बाद पंजाब की तरफ भागने का प्रयास कर सकते हैं।

आधे घंटे में पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपी

तलाश के दौरान पुलिस टीम ने ढेरोवाल बैरियर के पास घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी करीब आधे घंटे में ही हो गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाशी ली। उनके पास से दो पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा जिस मोटरसाइकिल पर दोनों आए थे, वह भी बिना नंबर प्लेट की मिली।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल के चिकित्सा इतिहास में पहली बार हुई ऐसी सर्जरी, डॉक्टरों ने जोड़ दिया शख्स का क*टा हाथ

 

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और वारदात को अंजाम देने के पीछे उनका वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय जसप्रीत सिंह निवासी कैथल, हरियाणा और 20 वर्षीय मनप्रीत सिंह निवासी संगरूर, पंजाब के रूप में की है। दोनों से पूछताछ के जरिए पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्हें किसी ने कबाड़ कारोबारी को निशाना बनाने के लिए भेजा था या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद था।

गैंग कनेक्शन की भी जांच

एसपी विनोद धीमान के अनुसार, पुलिस जांच में फिलहाल वारदात के पीछे के कारणों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के प्रमुख बिंदुओं में व्यक्तिगत रंजिश, आपराधिक गिरोह से संबंध और किसी अन्य व्यक्ति के इशारे पर हमला करने की संभावना शामिल है। पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, उनके संपर्कों और मोबाइल फोन समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला : तलाक के बाद भी हर महीने पति से पैसे ले सकती है पत्नी...

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों आरोपी इससे पहले नालागढ़ या बद्दी क्षेत्र में कब आए थे। इस मामले में थाना नालागढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को 11 अगस्त को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी है। रिमांड के दौरान पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने, हथियारों के स्रोत का पता लगाने और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच करेगी।

निशाना बनाने के पीछे क्या थी वजह

औद्योगिक क्षेत्र में कारोबारी को दिनदहाड़े निशाना बनाने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी हो गई। अब जांच का सबसे अहम पहलू यही है कि आखिर कबाड़ कारोबारी को निशाना बनाने के पीछे वजह क्या थी और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें