कुल्लू। हिमाचल के कुल्लू जिला में साइबर ठगी एक बड़ी घटना सामने आई है। शातिरों ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को कुछ इस तरीके से जाल में उलझाया कि रिटायर्ड कर्मचारी ने खुद ही शातिरों के खाते में 36 लाख रुपए से भी अधिक की राशि डाल दी। बाद में उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो पीड़ित साइबर क्राइम पुलिस थाना पहुंचा।

पोर्नोग्राफी में शामिल है तुम्हारा मोबाइल नंबर

दरअसल पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि उसे एक अनजान नंबर से फोन आया था। जिसमें उसे बताया गया कि उसका मोबाइल नंबर पोर्नोग्राफी और अवैध गतिविधियों में शामिल पाया गया है। शातिरों ने बताया कि शिकायतकर्ता के नाम पर मुंबई में 17 एफआईआर दर्ज हैं। यही नहीं शातिरों ने शिकायतकर्ता को एक एयरवेज कंपनी के संस्थापक से संबंधित कागज भी भेजे।

कई तरह के भेजे फर्जी कागजात

शिकायतकर्ता ने बताया कि शातिरों द्वारा भेजे गए कागजातों में मेरे नाम पर बैंक में संदिग्ध खाता, फर्जी बैंक विवरणी, फर्जी एटीएम कार्ड आदि होने के बारे में बताया गया था। इसके बाद साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता को फर्जी सुप्रीम कोर्ट, आरबीआई के नाम पर फर्जी आदेश भी भेजे। शिकायतकर्ता से एक लिखित इकरारनामा लिखकर भेजने को कहा कि जिसमें जांच पूरा होने तक वह किसी से कोई बात नहीं करेगा। यह भी पढ़ें : हिमाचल के बेटे को BSF में मिली बड़ी जिम्मेदारी, किसान पिता का चौड़ा किया सीना

इस सब के बाद शुरू हुआ लूट का खेल

शातिरों ने शिकायतकर्ता से इस केस में अपने सारे फंड सरेंडर करने को कहा। शातिरों की तरफ से बताया गया था कि यह धनराशि जांच पड़ताल के बाद तीन दिन बाद लौटा दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने शातिरों के बताए खातों में तीन ट्रांजेक्शन 18 लाख रुपए, 13.50 लाख रुपए व 5 लाख रुपए के जरिये कुल 36.50 लाख रुपए भेज दिए। यह भी पढ़ें : हिमाचल : दुनिया छोड़ गई विवाहिता, मायका पक्ष के आरोप पर पति हुआ अरेस्ट

नहीं मिली तीन दिन बार राशि

शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसे तीन दिन बाद राशि वापस नहीं मिली तो उसने साइबर ठगों के नंबरों पर फोन किया। लेकिन शातिरों ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उसने मंडी में स्थित साइबर पुलिस थाना मंडी में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। साइबर थाना ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। यह भी पढ़ें : नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की होती है पूजा, जानें विधि और महत्व

क्या कहते हैं साइबर थाना मंडी के एएसपी मनमोहन सिंह

साइबर पुलिस थाना मंडी मध्य जोन के एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वह किसी अनजान नंबर से आए फोन को ना उठाएं। अगर कोई आपको डराए और धमकाए तो बिलकुल न डरें। धनराशि भेजने से पहले एक बार साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी के लैंडलाइन नंबर 01905-226900 या ई मेल आईडी pscyber-cr@hp.gov.in पर संपर्क करें। यह भी पढ़ें : हिमाचल के पहाड़ों पर बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड, अब दो दिन होगी बारिश; जानें डिटेल

असम व बेंगलुरु के खातों में जमा हुई है राशि

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से जमा करवाई गई राशि बेंगलुरु व असम के आईसीआईसीआई और येस बैंक के खातों में जमा हुई है। इस राशि को फ्रीज करने के लिए पुलिस लगातार जुटी हुई है।

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