बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पंचायत चुनावों के बीच चलाए जा रहे विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। स्वारघाट क्षेत्र के गरामोड़ा फोरलेन पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने लाखों की चरस बरामद की है।
पंजाब बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ी लाखों की चरस
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इस खेप को पंजाब के किरतपुर क्षेत्र में पहुंचाने की तैयारी में थे। मगर सप्लाई करने से पहले ही युवकों का सामना हिमाचल पुलिस से हो गया। मामले में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है।
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ऑल्टो कार में पांच युवक थे सवार
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गरामोड़ा फोरलेन पर नियमित जांच के लिए नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान HP01KA-7012 नंबर की ऑल्टो कार को जांच के लिए रोका गया। वाहन में चालक समेत पांच युवक सवार थे।
पुलिस को देख उड़े होश
पुलिस को पूछताछ के दौरान युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और वे घबराए हुए नजर आए। इसके बाद पुलिस ने वाहन की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखे एक काले रंग के पिट्ठू बैग से तीन किलो पांच ग्राम चरस बरामद हुई।
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बैग में रखी थी खेप
पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है।
आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मंडी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान-
- ठाणेदार
- किशन चंद
- गोपाल
- भाग चंद
- दया राम
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पंजाबी से लाए थे खेप
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी चरस की खेप लेकर पंजाब की ओर जा रहे थे और इसे किरतपुर क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। इस मामले में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चरस की खेप किससे लाई गई थी और इसके पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही इस नेटवर्क से संबंधित अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
