शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिमला में राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर मानव बम हमले की धमकी मिलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह धमकी जिला उपायुक्त शिमला की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई, जिसमें 26 जनवरी के कार्यक्रम को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

सदर थाना शिमला में मामला दर्ज

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, धमकी भरा यह ई-मेल अज्ञात आईडी से भेजा गया था। उपायुक्त कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शिमला के संज्ञान में लाया, जिसके बाद सदर थाना शिमला में मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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दहशत फैलाने की नीयत से भेजा गया ई-मेल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह ई-मेल अफवाह और दहशत फैलाने की नीयत से भेजा गया प्रतीत हो रहा है। हालांकि, किसी भी संभावित खतरे को हल्के में न लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। 26 जनवरी को शिमला में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक कड़ा किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और खुफिया एजेंसियों की तैनाती की जाएगी।

लोकेशन पता लगाने की प्रक्रिया तेज

पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और लोकेशन का पता लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि धमकी के पीछे कोई संगठित साजिश है या फिर किसी शरारती तत्व द्वारा डर का माहौल बनाने का प्रयास किया गया है।

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पुलिस अधिकारियों की जनता से अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि या सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उधर, राज्य सरकार भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरी गरिमा और सुरक्षा के साथ किया जाएगा और किसी भी तरह की धमकी से प्रदेश की शांति व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

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