कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित शक्तिपीठ माता श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में वीरवार शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब दर्शन करके बाहर निकली एक महिला अचानक जोर-जोर से चिल्लाने लगी।
मंदिर में जोर-जोर से चिल्लाने लगी महिला
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षा कर्मी पहले तो कुछ समझ नहीं पाए। कई लोगों को लगा कि महिला भावावेश या आस्था में ऐसा कर रही है, लेकिन जब लंबे समय तक उसकी चीखें बंद नहीं हुईं तो सुरक्षा कर्मी उसके पास गए।
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दर्शन के बाद महिला ने मांगा...
मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने जब महिला से बात की तो उसने सिर्फ यही कहा कि उसे तुरंत शौचालय जाना है। एक महिला सुरक्षा कर्मी उसे गेट की ओर ले जाने लगी, लेकिन तभी महिला को अचानक तेज उल्टियां आने लगीं।
महिला ने निगला जहर
उसी दौरान महिला ने टूटती आवाज में बताया कि उसने कोई कीटनाशक खा लिया है, और इतना कहकर वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी। इस बात का खुलासा होते ही मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मामले की जानकारी मंदिर अधिकारी शैफाली ठाकुर को दी।
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अस्पताल भेजा गया, स्थिति गंभीर
घटना को गंभीरता से लेते हुए मंदिर प्रशासन ने बिना समय गंवाए महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर कांगड़ा नागरिक अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचित किया। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की हालत नाज़ुक देखते हुए उसे तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल महिला का इलाज टांडा में चल रहा है।
महिला से मिली पुड़िया
पुलिस के अनुसार महिला अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है और उसके पास से जो छोटी सी पाउडर जैसी पुड़िया मिली है, उसकी जांच जारी है कि वह वास्तव में कीटनाशक है या किसी अन्य पदार्थ की पैकिंग।
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अकेले रहती थी महिला
घटना की पुष्टि करते हुए DSP कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि महिला की उम्र लगभग 50 वर्ष है। पहले वह पठानकोट (पंजाब) में रहती थी। पिछले कुछ वर्षों से वह कांगड़ा के राजोल क्षेत्र में अकेले रह रही है।
कुछ समय से थी परेशान
महिला का एक बेटा है, जो जसूर में काम करता है और घटना की जानकारी मिलते ही टांडा अस्पताल पहुंच गया। बेटे के अनुसार उसकी मां कुछ समय से मानसिक और व्यक्तिगत तनावों से गुजर रही थी, और इसी परेशानी में उसने कीटनाशक जैसा पदार्थ सेवन किया होगा।
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मंदिर परिसर में खाया जहर या पहले?
पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने कीटनाशक मंदिर परिसर में लिया या मंदिर आने से पहले। मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने भी किसी संदिग्ध हरकत पर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन महिला से एक छोटी पुड़िया मिली है, जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है। जब तक महिला बयान देने लायक नहीं हो जाती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकता कि घटना की असली वजह क्या थी और कीटनाशक कब व कहाँ सेवन किया गया।
घटना को आस्था से जोड़ रहे लोग
मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला की माता बज्रेश्वरी देवी के प्रति गहरी श्रद्धा थी। कई लोग यह भी मान रहे हैं कि महिला परेशानी के दौर में मंदिर आई और मानसिक तनाव में उसने यह कदम उठा लिया। हालांक, पुलिस और मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि अंतिम स्थिति महिला के बयान के बाद ही सामने आएगी।
