शिमला। आजकल शातिर ठगी करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमतौर पर शातिरों द्वारा ठगी ऑनलाइन या फोन के माध्यम से की जाती है। बहुत बार ऐसा होता है शातिर जाली ऑफिसर बन किसी को फेक कॉल करते हैं और पैसे ऐंठने लग जाते हैं। मगर ताजा मामले में शातिरों की चाल खुद उन पर ही भारी पड़ गई है।

महिला को बनाया घर बेचने का दबाव

दरअसल, एक साइबर अपराधी अपने आप को ADG बता कर महिला को उसका घर बेचने का दबाव बना रहा था। हालांकि, वो यह नहीं जानता था कि जिस महिला को वो जालसाजी में फंसाने की कोशिश कर रहा है वो महिला और कोई नहीं हिमाचल प्रदेश के DGP डॉ. अतुल वर्मा की सास हैं। यह भी पढ़ें: हिमाचल-सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, सदन में होगी तीखी नोक-झोंक

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, पटना में साइबर अपराधी ने अपने आप को ADG डॉ. कमल किशोर सिंह बताकर महिला को उसका घर बेचने का दबाव बना रहा था। तंग आकर महिला ने अपने दामाद हिमाचल के DGP अतुल वर्मा को इस बात की जानकारी दी। मामले के बारे में पता लगते ही हिमाचल DGP ने बिहार के ADG डॉ. कमल किशोर सिंह को फोन किया और पूरी बता बताई। डॉ. कमल किशोर सिंह ने इंकार कर दिया और साइबर अपराधी के नंबर पर पटना साइबर थाना में मामला दर्ज करवाया। यह भी पढ़ें: हिमाचल में पूर्व विधायकों की पेंशन होगी बंद- आज विधानसभा में पेश होगा नया बिल

हिमाचल DGP की सास निकली महिला

ADG डॉ. कमल किशोर ने साइबर थाने में भेजे अपने आवेदन में लिखा कि साइबर अपराधी हिमाचल प्रदेश के DGP की सास को घर बेचने का दबाव बना रहा था। कई बार शातिर ने उन्हें फोन करके परेशान भी किया है।

खुद को ADG बता रहा था शातिर

शातिर अपने आप को रूबल सिंह का भाई, ADG डॉ. कमल किशोर बताता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के DGP अतुल वर्मा ने मुझे इस बात की जानकारी दी है। यह भी पढ़ें: हिमाचल : सैलरी-पेंशन के लिए इंतजार बरकरार, आज CM से मिलेंगे कर्मचारी नेता

जांच-पड़चाल शुरू, मामला दर्ज

वहीं, जब शातिर के मोबाइल नंबर की पड़ताल की गई तो पता चला कि फोन करने वाले व्यक्ति का नाम प्रमोद कुमार है। प्रमोद फोन पर अपने आप को रूबल सिंह का भाई बताता था। ADG डॉ. कमल किशोर ने कहा कि ना तो मैं किसी प्रमोद कुमार को जानता हूं और ना ही रूबल सिंह को। इस नाम का मेरे दफ्तर में भी कोई कार्यरत नहीं है। उधर, ADG डॉ. कमल किशोर के आवेदन पर साइबर थानाध्यक्ष राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा शातिर के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और CDR के लिए संबंधित कंपनी को रिक्वेस्ट भेज दी गई है। यह भी पढ़ें: हिमाचल : मणिमहेश यात्रा पर लगी रोक, जानिए अब कब कर पाएंगे दर्शन

कई तरह से हो रही ठगी

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में आए दिन अलग-अलग तरीके से लोगों के साथ साइबर ठगी की जा रही है। इसमें बिजली का बिल, क्रेडिट अपडेट, लोन देना, पानी का बिल, कोई सेवा शुरू करना या बंद करना शामिल है।

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