कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में अब डस्टबिन खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
डस्टबिन खरीद को लेकर सियासत तेज
भाजपा नेता ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत डस्टबिन खरीद में नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की- तो भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दे सकती है।
BJP विधायक ने घेरी सुक्खू सरकार
बिक्रम ठाकुर ने स्वच्छता से जुड़े कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के अनुरूप नहीं किया गया।
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पैसों का गलत इस्तेमाल
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। मगर जिस प्रकार डस्टबिन खरीद का मामला सामने आया है, उससे कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। उनका कहना है कि खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
स्थानीय कारोबारियों पर असर
साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विक्रेताओं और कारोबारियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इससे न केवल सरकारी खरीद प्रणाली पर सवाल उठते हैं बल्कि स्थानीय व्यापारियों के हित भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
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दस्तावेज दिखाए सुक्खू सरकार
अगर खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई है तो सरकार को संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
होनी चाहिए निष्पक्ष जांच
BJP विधायक ने विजिलेंस जांच की मांग करते हुए कहा कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जानी चाहिए- जिससे निष्पक्ष रूप से तथ्यों का पता लगाया जा सके। उनका कहना था कि सिर्फ विभागीय जांच से जनता का भरोसा नहीं बन पाएगा, इसलिए एक पारदर्शी और स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
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पैसा सही इस्तेमाल होना चाहिए
बिक्रम ने प्रदेश सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में कुछ अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। जवाबदेही की कमी के कारण इस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और जनहित योजनाओं के लिए मिलने वाले पैसे का सही इस्तेमाल होना चाहिए।
हिमाचल को मदद दे रही मोदी सरकार
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रही है। ऐसे में यह प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इन संसाधनों का उपयोग पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
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प्रदेशभर में उठेगा मुद्दा
BJP नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती और समय रहते जांच शुरू नहीं करती, तो BJP इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे और आवश्यक हुआ तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
राजनीति में मया विवाद
फिलहाल, डस्टबिन खरीद को लेकर लगाए गए आरोपों पर सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, विपक्ष द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
