नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला का एक परिवार अपने बेटे की शादी की तैयारी में जुटा हुआ था। कुछ ही माह बाद जिस बेटे के सिर पर सेहरा बांधने की तैयारी की जा रही थी। आज वही बेटा मलबे में कहीं खो गया है। परिवार के लोग भगवान से किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनका बेटा सही सलामत उन्हें मिले जाए। मां का लाडला बेटा शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कफोटा उपमंडल के दुगना गांव का अजय पुंडीर है। जिसकी कुछ ही माह बाद शादी थी, लेकिन रामपुर के समेज गांव में आए जलजले में अब यह बेटा कहीं गुम हो गया है।
शादी की खुशियां मातम में बदली
दरअसल दुगना गांव का अजय पुंडीर हाइड्रो पावर में सिविल ऑफिसर के रूप में काम करता था और समेज गांव में किराये के मकान में रहता था। अजय की कुछ ही माह बाद शादी होने वाली थी। परिवार के लोग बेटे की शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। यह भी पढ़ें: लेह में शहीद हुआ हिमाचल का शुभम, डेढ़ महीने पहले आया था घर इसी बीच बुधवार की रात को आए जलजले में अजय पुंडीर भी मलबे में बह गया और उसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। अजय पुंडीर शनिवार को एक सप्ताह की छुट्टी पर घर आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही बुधवार की रात को यह हादसा हो गया।लापता होने से एक दिन पहले की थी मां से बात
समेज में लापता हुए अजय पुंडीर ने हादसे की रात से एक दिन पहले ही अपनी मां से फोन पर बात की थी और कहा था कि मैं एक सप्ताह के लिए घर आ रहा हूं। कुछ भी लाना हो तो बता देना। पापा व आपको कोई दिक्कत तो नहीं है। लापता होने से पहले अजय के अपनी मां से मोबाइल फोन पर बातचीत में ये आखिरी शब्द थे। यह भी पढ़ें : 400 मीटर गहरी खाई में पड़ा मिला सुमित, शादी को अभी नहीं हुआ था सालकंपनी के साथियों और बच्चों को बचाया, लेकिन खुद बह गया अजय
बताया जा रहा है कि अजय पुंडीर को बादल फटने का पता चल गया था, जिसके चलते उसने अपनी कंपनी के साथियों केा इसकी जानकारी दी। अजय ने कंपनी के कर्मचारियों और दो बच्चों को बाहर निकाला और उनके साथ खुद भी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया था। इसी दौरान उसे अपने मकान की मालकिन, जिसे वह अपनी मां ही मानता था की याद आ गई।- अजय की कुछ माह बाद होनी थी शादी
- अजय ने खुद ही पसंद की थी लड़की
- कंपनी के साथियों और दो बच्चों को सुरक्षित निकाल चुका था अजय
- मकान मालकिन को बचाने के चक्कर में सैलाब में बह गया अजय
- हाइड्रो पावर में सिविल ऑफिसर के रूप् में काम करता था अजय
