शिमला। हिमाचल प्रदेश में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। वहीं, कई इलाकों में सूखा पड़ा हुआ और लोगों को पानी की कमी के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पानी की पाइपों को ठीक करने का काम चला हुआ है। मगर इसी बीच यहां कोटखाई में जलशक्ति विभाग के ठेकेदार की गलती के कारण एक हजार से ज्यादा सेब और नाशपाती के पौधे जलकर राख हो गए हैं। पौधे जलने से बागवानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। यह भी पढ़ें: हिमाचल: परिवार के उतरते ही खाई में गिरी कार, पंजाब के पर्यटक की गई जान मामले में ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। साथ ही सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल शक्ति विभाग के ठेकेदार वेल्डिंग का काम कर रहे थे। जिससे आग भड़क गई और सेब और नाशपाती के बगीचे आग की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों ने बताया कि यहां जल शक्ति विभाग के ठेकेदार पाइप लाइन का कामर करवा रहे हैं। वेल्डिंग के काम के दौरान चिंगारी से सूखी पत्तियों और घास ने पकड़ ली और बगीचों को भी अपनी चपेट में ले लिया। लोगों का कहना है कि आग लगने की संभावना को देखते हुए काम बंद करने के लिए भी कहा गया था। मगर इसके बावजूद ठेकेदार ने कार्य चालू रखा।
पानी पिलाने के चक्कर में लग गई आग: 1,000 से अधिक सेब के पौधे स्वाहा- पढ़ें पूरी खबर
