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January 21, 2026
हिमाचल में कल से 6 दिन जमकर बरसेंगे बादल : भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, आंधी-तूफान करेगा तंग
पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम पर अब विराम लगने के संकेत मिल गए हैं। कल रात से प्रदेश में एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो गया है, जिसके असर से अगले छह दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने खासतौर पर 23 जनवरी को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है, जब कई जिलों में मौसम का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। IMD ने 23 जनवरी के लिए चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन इलाकों में बर्फबारी इतनी तीव्र हो सकती है कि सामान्य जनजीवन और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ेगी, वहीं कई संपर्क मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं।
IMD के मुताबिक 22 जनवरी की रात से लेकर 24 जनवरी की सुबह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिर सकती है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज होने के आसार हैं। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले सकता है।
मौसम विभाग ने 23 जनवरी को लेकर विशेष चेतावनी जारी करते हुए पर्यटकों से ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालने की अपील की है। खासकर रोहतांग, सोलंग, लाहौल-स्पीति, नारकंडा और चंबा के ऊपरी इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है। बर्फबारी के कारण दृश्यता कम होने और रास्ते बंद होने का खतरा बना रहेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शिमला के नालदेहरा, शिमला शहर, कुफरी, नारकंडा, मनाली, सोलंग वैली और सिस्सू जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इससे इन इलाकों में ठंड और अधिक बढ़ेगी। बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट के साथ-साथ पर्यटक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रदेश के निचले जिलों में भी मौसम का असर साफ दिखाई देगा। ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में 23 जनवरी को भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में एक-दो दौर में तेज बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति बन सकती है।
बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासकर 23 जनवरी को कई जिलों में दिन का तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इसके चलते ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में कोल्ड डे कंडीशन बनने की संभावना है। इसे लेकर भी मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
22 और 23 जनवरी को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में 23 जनवरी को 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार गणतंत्र दिवस के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में सक्रिय हो सकता है। इसके चलते 26 जनवरी को भी अच्छी बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। यदि यह सिस्टम प्रभावी रहा, तो ठंड का असर और बढ़ेगा और पहाड़ों में बर्फ की परत और मोटी हो सकती है।
प्रदेश में बीते करीब साढ़े तीन महीनों से बारिश और बर्फबारी बेहद कम हुई है, जिससे नमी की भारी कमी महसूस की जा रही थी। अब इस सक्रिय मौसम प्रणाली से लंबे ड्राइ स्पेल के टूटने की उम्मीद बंध गई है।
इससे न केवल मौसम का संतुलन सुधरेगा, बल्कि जल स्रोतों, कृषि और बागवानी के लिए भी यह बारिश-बर्फबारी राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।